Right To Health Bill: राजस्थान में डाॅक्टराें की हड़ताल खत्म, सरकार के साथ इन बिंदुओं पर बनी सहमति

Right to Health Bill

जयपुर से केजे श्रीवत्सन की रिपोर्टः राजस्थान में डॉक्टर्स ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है, गहलोत सरकार और डॉक्टर्स के बीच सहमति बन गई है। कुल 5 मांगों पर सहमति बनी है, इस पर सरकार और डॉक्टर के बीच हुई सहमति पर हड़ताल खत्म करने का फैसला ले लिया गया है।

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सीएम ने ट्वीट कर दी जानकारी

इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि राइट टू हेल्थ पर सरकार व डॉक्टर्स के बीच अंततः सहमति बनी एवं राजस्थान राइट टू हेल्थ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुझे आशा है कि आगे भी डॉक्टर-पेशेंट रिलेशनशिप पूर्ववत यथावत रहेगी।

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समझौते के बावजूद डाॅक्टरों के एक गुट ने मंगलवार दोपहर रैली निकाल बिल का विरोध जताया। कुछ देर पहले सरकार और निजी डाॅक्टरों में सहमति बनी थी। लेकिन अभी भी डाॅक्टरों का एक गुट अपनी मांगों को लेकर अड़ा हुआ है।

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16 दिन से हड़ताल कर रहे थे डाॅक्टर

बता दें कि राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में पिछले 16 दिन से अधिक समय डॉक्टरों की हड़ताल जारी थी, निजी अस्पताल बंद पड़े थे और सेवारत चिकित्सकों के साथ रेजिडेंट्स ने भी हड़ताल को समर्थन देते हुए कार्य बहिष्कार किया था, वहीं अब मरीजों को राहत मिल जाएगी।

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इन बिन्दुओं पर बनी सहमति

  1. इनमें सबसे प्रमुख बिन्दु यह है कि राइट टू हेल्थ कानून के दायरे में सिर्फ वही अस्पताल आएंगे जो जिन्हें सरकारी सहायता मिलती हो।
  2. जो अस्पताल सरकारी सहायता नहीं लेते वे इस कानून के दायरे से बाहर रहेंगे।
  3. शिकायतों के निवारण के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने पर सहमति बन गई है।
  4. साथ ही विवाद के मामलों में पुलिस सीधे डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज नहीं करेगी।
  5. निजी अस्पतालों को अब हर साल के बजाय 5 साल में एक बार फायर एनओसी लेनी होगी। इन बिन्दुओं पर समहति के बाद डॉक्टर काम पर लौटने को राजी हो गए।

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स्वास्थ्य मंत्री बोले- हमने पीएम के सामने रखी थी ये मांग

चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि राइट टू हेल्थ बिल लाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। गवर्नर की मंजूरी के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि निजी डॉक्टरों की जो मांग थी, उस पर समझौता हो गया है। जिन अस्पतालों ने सरकारी जमीन ली है, उन पर ये बिल लागू होगा। हमने पीएम नरेंद्र मोदी से भी मांग की थी कि चिरंजीवी योजना पूरे देश में लागू हो।

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