रमन झा: कांग्रेस में राजस्थान का बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है और मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट का मामला और भी उलझता जा रहा है। राजस्थान में जारी कलह के बीच सचिन पायलट की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की तस्वीर सामने आने के साथ ही एक बार फिर अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर खुलेआम सियासी हमला कर दिया है। अशोक गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस विधायक पायलट को सीएम बनाने के पक्ष में नहीं हैं। गहलोत ने यह भी दावा किया है कि पायलट के पास 10 विधायकों का भी समर्थन नहीं है।

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इस बीच सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट ने कांग्रेस आलाकमान से मांग कर दी है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री का फैसला गुप्त मतदान के जरिए ही हो। सूत्रों के मुताबिक, ताजा घटनाक्रम के बाद सचिन पायलट ने कांग्रेस नेतृत्व से कहा कि अशोक गहलोत द्वारा कभी 10 तो कभी 20 विधायकों के समर्थन की बात, मेरा ध्यान भटकाने की कोशिश है। कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत में सचिन ने गहलोत को खुली चुनौती दी है और कहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए विधायकों की गुप्त राय ली जाए, उसमें गहलोत को समर्थन नहीं मिलेगा।

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सूत्रों की मानें तो सचिन पायलट ने कांग्रेस आलाकमान से कहा कि अगर बहुमत अशोक गहलोत के पक्ष में हुआ तो वे दोबारा नेतृत्व परिवर्तन की मांग नहीं करेंगे और गहलोत के नेतृत्व में चुनाव में जी जान से लग जाएंगे। सूत्र कहते हैं कि सचिन ने आलाकमान से कहा है कि केवल और केवल गुप्त मतदान का फैसला ही मुझे मंजूर होगा। अशोक गहलोत को भी यह मंजूर होना चाहिए।

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लेकिन अशोक गहलोत की मानें तो पायलट ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं और सच्चाई ये है विधायकों का समर्थन किसके साथ है ये बात किसी से छुपी नहीं है।

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अब राजस्थान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को फैसला करना है। गौरतलब है कि राजस्थान में बीते कुछ महीनों से मुख्यमंत्री कुर्सी को लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट में खींचतान अपने चरम पर है।

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