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पोकरण में दो ‘धर्मगुरुओं’ के बीच कांटे की टक्कर, 2018 में कुछ ही वोटों से हुई थी हार-जीत

Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान की पोकरण सीट पर एक बार फिर दो धर्मगुरु आमने-सामने हैं। पिछले चुनाव में सालेह मोहम्मद ने महज 872 वोट से अपने प्रतिद्वंदी को परास्त किया था।

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Rajasthan Assembly Election 2023: मारवाड़ की पोकरण सीट राजस्थान चुनाव की हाॅट सीटों में से एक है। इस सीट पर भाजपा ने महंत प्रताप पुरी को उतारा है तो दूसरी ओर कांग्रेस ने सालेह मोहम्मद को प्रत्याशी बनाया है। कुल मिलाकर दोनों ही सीटों पर धर्मगुरु मैदान में हैं। 2018 के चुनावों में भी पार्टी ने इन दोनों को ही प्रत्याशी बनाया था। तब सालेह मोहम्मद ने प्रताप पुरी को 872 मतों से पराजित किया था।

बता दें कि सालेह मोहम्मद के पिता गाजी फकीर सिंधी मुस्लिम समुदाय के बड़े धर्मगुरु रहे हैं। पिता के निधन के बाद सालेह मोहम्मद यह गद्दी संभाली। वे इस सीट से विधायक बने तो सीएम गहलोत ने उन्हें अल्पसंख्यक मंत्री बनाया। इस बीच सालेह मोहम्मद ने कहा कि उनके लिए धर्म कोई मुद्दा नहीं है। वे जनता के बीच जाकर कांग्रेस सरकार में हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के दम पर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सीट पर हिंदू-मुस्लिम मुद्दा नहीं है।

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इस सीट से 2 बार कांग्रेस ने दर्ज की जीत

वहीं महंत प्रताप पुरी महाराज बाड़मेर के महाबार गांव के निवासी हैं। हरियाणा के चेशायर में सनातन की दीक्षा लेने के बाद वे महंत बन गए। साल 2018 में भाजपा ने इनको पोकरण सीट से उतारा था लेकिन वे महज 872 मतों से चुनाव हार गए। भाजपा ने एक बार फिर उन्हें मैदान में उतारा है। बता दें कि परिसीमन के बाद 2008 में पोकरण सीट अस्तित्व में आई थी।

इस सीट पर अब तक 2 बार कांग्रेस तो 1 बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस की ओर से यहां तीनों बार सालेह मोहम्मद ही चुनाव लड़ते आए हैं। 2013 में भाजपा के शैतान सिंह राठौड़ ने सालेह मोहम्मद को 34 हजार से अधिक मतों से हरा दिया था। इसके बाद 2018 में भाजपा ने पुरी को मैदान में उतारा था। पुरी महज 872 वोटों से यह चुनाव हार गए थे।

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First published on: Nov 09, 2023 02:47 PM

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