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Rajasthan News: राजस्थान की गहलोत सरकार राज्य में चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार बिना कर रही है। सीएम गहलोत ने 1266 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेजों से जुड़े चिकित्सा संस्थानों के 68 विकास कार्यों का शिलान्यास किया है। इसके साथ ही उन्होंने 3 नर्सिंग कॉलेजों की बिल्डिंग के कार्यों का उद्घाटन भी किया।
सीएम गहलोत ने मोबाइल कैंसर निदान वैन को हरी झंडी दिखाई है। इन वाहनों के जरिए प्रारंभिक स्तर पर ही आवश्यक टेस्ट किए जाएंगे। यह वाहन आरआरईसीएल, एचपीसीएल, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, ग्रीन को, रिलायंस फाउंडेशन, एलएन मित्तल-एचईएमएल तथा रीन्यू पॉवर द्वारा सीएसआर के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए हैं। नए तीन संभागों में हिंदुस्तान जिंक द्वारा 3 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इन 6 मोबाइल कैंसर निदान वैन को 7.15 करोड़ रुपए लागत से तैयार किया गया है।
सीएम गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर 1266 करोड़ रुपए के 68 विकास कार्यों के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि, सरकार चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र का मजबूत ढांचा तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इसके लिए सरकार पूरी दृढ़ता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। स्वास्थ्य योजनाओं की सुविधाओं को प्रदेश के गांवों-कस्बों में हर जन तक पहुंचाया जा रहा है।
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सीएम ने कहा कि राजस्थान के चिकित्सा मॉडल को पूरे देश में सराहा जा रहा है। आज राज्य में लोग मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के जारिए 25 लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार करवा सकता है। इस योजना के तहत राज्य सरकार लोगों को निःशुल्क दवाईयां और जांच सुविधा देती है। अब तक चिरंजीवी योजना का लाभ लगभग 50 लाख लोग उठा चुके है। अकले सिर्फ इस योजना से हर दिन 1.50 लाख जांच निःशुल्क की जा रही है। प्रदेश में एमआरआई, सी.टी स्केन जैसी महंगी जांचों के साथ-साथ हार्ट, लीवर, बोनमैरो ट्रांसप्लांट जैसा महंगा इलाज भी निःशुल्क करवाया जा रहा है। इसी का सफल परिणाम है कि मातृ और शिशु मृत्यु दर में भी कमी आई है।
सीएम गहलोत ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में राजस्थान देश में मॉडल स्टेट बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से राजस्थान के चिकित्सा मॉडल अपनाने और पूरे देश में लागू करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान मॉडल को अपनाकर देशवासियों को एक समान स्वस्थ्य सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने राज्य में एमबीबीएस और पीजी की सीटों को लेकर कहा कि साल 2018 में एमबीबीएस में 1850 सीटें और पीजी में 960 सीटें हुआ करती थी,जो अब बढ़कर एमबीबीएस में 3830 सीटें और पीजी में 1690 सीटें हो गई है। राज्य के अंदर पिछले चार सालों में 26 नए नर्सिंग कॉलेज खोले गए है, जिससे नर्सिंग में 1,560 सीटों की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 3 जिलों राजसमंद, जालौर व प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत नहीं किए जाने पर अब राज्य सरकार ने कॉलेज बनाने का फैसला किया है।
राज्य के सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं को लेकर सीएम गहलोत ने कहा कि अब सभी मेडिकल कॉलेजों में एंडोक्रिनोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, गैस्ट्रो-सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, ओंको-सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और कार्डियोलॉजी की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा राजमेस के 7 मेडिकल कॉलेजों में कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजी, न्यूरोलॉजी और यूरोलॉजी की सुविधाएं दी गई हैं। प्रदेश के जयपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर में 4 सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शुरू किये जा चुके है।
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