पंजाब में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगने के आसार बन रहे हैं। क्योंकि सियासी गलियारों में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर खबरें फैली हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह BJP छोड़कर फिर से कांग्रेस जॉइन कर सकते हैं।
इन अटकलों को बल तब मिला, जब कैप्टन पंजाब BJP के नए अध्यक्ष के केवल सिंह ढिल्लो के आधिकारिक रूप से पद ग्रहण करने के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए और दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने चले गए। जी हां, बीते दिन 6 जून को दिल्ली में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी।
पंजाब BJP के नए अध्यक्ष पर फैसले से जताई नाराजगी
बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब BJP का नया अध्यक्ष बनाए जाने के पार्टी हाईकमान के फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से फैसले से अपनी नाराजगी जताई थी और आलोचना भी की थी। चर्चा है कि वे BJP नेतृत्व से असंतुष्ट हैं, इसलिए पंजाब चुनाव 2027 से पहले उनकी कांग्रेस में वापसी की अफवाहें फैल हुई हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक्स पर लिखा कि आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने जेपी नड्डा से मुलाकात के बारे में भी बताया और कहा कि दोनों दिग्गजों से पंजाब के मुद्दों पर चर्चा हुई। जेपी नड्डा ने भी मुलाकात की पुष्टि करते हुए एक्स पर लिखा कि आज नई दिल्ली में कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात में अहम चर्चा हुई।
पंजाब BJP के नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर क्या बोले कैप्टन?
पंजाब के 84 वर्षीय दिग्गज नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब BJP का अध्यक्ष बनाए जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि पंजाब में इस बड़ी संगठनात्मक नियुक्ति से पहले उनसे सलाह नहीं ली गई। पंजाब की राजनीति में 60 साल का अनुभव हो चुका है और पार्टी ने इतने महत्वपूर्ण फैसले पर सलाह नहीं ली, इससे उपेक्षित महसूस हुआ है।
कैप्टन ने ढिल्लों की क्षमता पर सवाल उठाए और कहा कि ढिल्लों से पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए जिस तरह की उम्मीदें लगाई हैं, उन्हें पूरा करने में वे सक्षम नहीं हैं। नेतृत्व के पद जातिगत समीकरणों की बजाय योग्यता के आधार पर तय किए जाने चाहिए। उन्होंने ढिल्लों को जाट सिख चेहरे के रूप में पेश करने के पार्टी के औचित्य पर सवाल उठाए थे।
कैप्टन के कांग्रेस नेताओं के संपर्क में रहने की लगी अटकलें
बता दें कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कैप्टन के कांग्रेस नेताओं के संपर्क में होने की बात कही थी। हुड्डा ने हाल ही में बयान दिया था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अभी भी कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। वहीं पंजाब भाजपा के नेताओं ने कैप्टन के पार्टी छोड़ने की अफवाहों को सिरे से खारिज किया है और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी।
BJP प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने कैप्टन के जाने की बातों को सिर्फ अफवाहें बताया और कहा कि वह कहीं नहीं जा रहे हैं और पूरी तरह से भाजपा के साथ ही हैं। बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले कांग्रेस नेता ही थे। साल 2021 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और साल 2022 में अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का BJP में विलय करके भाजपा नेता बन गए थे।
पंजाब में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगने के आसार बन रहे हैं। क्योंकि सियासी गलियारों में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर खबरें फैली हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह BJP छोड़कर फिर से कांग्रेस जॉइन कर सकते हैं।
इन अटकलों को बल तब मिला, जब कैप्टन पंजाब BJP के नए अध्यक्ष के केवल सिंह ढिल्लो के आधिकारिक रूप से पद ग्रहण करने के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए और दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने चले गए। जी हां, बीते दिन 6 जून को दिल्ली में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी।
पंजाब BJP के नए अध्यक्ष पर फैसले से जताई नाराजगी
बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब BJP का नया अध्यक्ष बनाए जाने के पार्टी हाईकमान के फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से फैसले से अपनी नाराजगी जताई थी और आलोचना भी की थी। चर्चा है कि वे BJP नेतृत्व से असंतुष्ट हैं, इसलिए पंजाब चुनाव 2027 से पहले उनकी कांग्रेस में वापसी की अफवाहें फैल हुई हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक्स पर लिखा कि आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने जेपी नड्डा से मुलाकात के बारे में भी बताया और कहा कि दोनों दिग्गजों से पंजाब के मुद्दों पर चर्चा हुई। जेपी नड्डा ने भी मुलाकात की पुष्टि करते हुए एक्स पर लिखा कि आज नई दिल्ली में कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात में अहम चर्चा हुई।
पंजाब BJP के नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर क्या बोले कैप्टन?
पंजाब के 84 वर्षीय दिग्गज नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब BJP का अध्यक्ष बनाए जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि पंजाब में इस बड़ी संगठनात्मक नियुक्ति से पहले उनसे सलाह नहीं ली गई। पंजाब की राजनीति में 60 साल का अनुभव हो चुका है और पार्टी ने इतने महत्वपूर्ण फैसले पर सलाह नहीं ली, इससे उपेक्षित महसूस हुआ है।
कैप्टन ने ढिल्लों की क्षमता पर सवाल उठाए और कहा कि ढिल्लों से पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए जिस तरह की उम्मीदें लगाई हैं, उन्हें पूरा करने में वे सक्षम नहीं हैं। नेतृत्व के पद जातिगत समीकरणों की बजाय योग्यता के आधार पर तय किए जाने चाहिए। उन्होंने ढिल्लों को जाट सिख चेहरे के रूप में पेश करने के पार्टी के औचित्य पर सवाल उठाए थे।
कैप्टन के कांग्रेस नेताओं के संपर्क में रहने की लगी अटकलें
बता दें कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कैप्टन के कांग्रेस नेताओं के संपर्क में होने की बात कही थी। हुड्डा ने हाल ही में बयान दिया था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अभी भी कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। वहीं पंजाब भाजपा के नेताओं ने कैप्टन के पार्टी छोड़ने की अफवाहों को सिरे से खारिज किया है और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी।
BJP प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने कैप्टन के जाने की बातों को सिर्फ अफवाहें बताया और कहा कि वह कहीं नहीं जा रहे हैं और पूरी तरह से भाजपा के साथ ही हैं। बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले कांग्रेस नेता ही थे। साल 2021 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और साल 2022 में अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का BJP में विलय करके भाजपा नेता बन गए थे।