Ankush jaiswal
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शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले के बाद उनका पहला बयान सामने आया है. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बादल ने साफ शब्दों में कहा कि वह न पहले डरे थे और न अब डरेंगे. उन्होंने हमले को पंजाब के माहौल और शांति को खराब करने की साजिश करार दिया और कहा कि कुछ लोग पंजाब के हालात पर कंट्रोल पाने और वहां की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं.
अस्पताल से बाहर निकलते हुए सुखबीर बादल ने कहा, “मैं न डरा हूं, न डरूंगा. कुछ लोग साजिश के तहत मुझ पर हमला करके पंजाब का माहौल खराब करना चाहते हैं.” उन्होंने कहा कि उनके ऊपर दो बार हमला हुआ और दोनों ही घटनाएं गुरुद्वारे में हुईं. पहली बार अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में और दूसरी बार नांदेड़ के तख्त श्री हजूर साहिब की पवित्र धरती पर. बादल ने कहा कि दोनों घटनाओं में उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि उन्हें गुरूसाहब का आशीर्वाद मिला हुआ है. उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति और भाईचारा उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है. बादल ने कहा- “मैं गुरूसाहब और उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस मुश्किल वक्त में मेरा साथ दिया.”. बादल ने दोहराया कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब में सांप्रदायिक और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी कीमत पर राज्य की शांति को भंग नहीं होने देगा.
हमला 13 अगस्त को नांदेड़ के गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी, मुगत के परिसर में हुआ. सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारे में दर्शन के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान निहंग वेश में मौजूद एक व्यक्ति ने उन पर कृपाण से हमला करने की कोशिश की. सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी से बड़ा हादसा टल गया, हालांकि बादल के हाथ में चोट आई. हमले के दौरान उनका एक सुरक्षाकर्मी भी घायल हुआ. पुलिस ने हमले के आरोपी की पहचान 62 वर्षीय जसपाल सिंह के रूप में की है. रिपोर्टों के मुताबिक, वह नांदेड़ के उसी गुरुद्वारे में करीब दो वर्षों से सेवादार के तौर पर रह रहा था. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस हमले के पीछे की वजह तथा उसकी मंशा की जांच कर रही है. फिलहाल जांच में हमले के पीछे किसी बड़ी साजिश के ठोस प्रमाण सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है.
हमले के तुरंत बाद सुखबीर बादल को नांदेड़ के यशोसाई अस्पताल ले जाया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक उनकी करीब 90 मिनट तक सर्जरी की गई. इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर रही और शुक्रवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. अस्पताल से बाहर निकलते वक्त उनके दाहिने हाथ पर पट्टी बंधी हुई थी. सुखबीर बादल ने अपने बयान में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया कि उनके खिलाफ दोनों हमले धार्मिक स्थलों पर हुए. दिसंबर 2024 में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेवा कर रहे बादल पर नारायण सिंह चौड़ा ने गोली चलाने की कोशिश की थी. वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से गोली का निशाना चूक गया और बादल बाल-बाल बच गए थे.
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