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पराली जलाने का मामला: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट कर पंजाब की मौजूदा सरकार पर खड़े किए सवाल

नई दिल्ली: दिल्ली और आसपास के राज्य लगातार पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। इस बीच बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय मंत्री ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। ट्वीट में उन्होंने पंजाब में पराली जलाने के मामलों […]

नई दिल्ली: दिल्ली और आसपास के राज्य लगातार पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। इस बीच बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय मंत्री ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। ट्वीट में उन्होंने पंजाब में पराली जलाने के मामलों में हो रही वृद्धि और राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

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पराली जलाने के मामलों में 19 फीसदी की वृद्धि

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा- पंजाब में आज की स्थिति में साल 2021 के मुकाबले पराली जलाने के मामलों में करीब 19 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। जबकि हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में 30.6 फीसदी की गिरावट आई है। आगे अपने ट्वीट में केंद्रीय मंत्री ने पंजाब सरकार पर कई सवाल खड़े किए।

3634 मामले सामने आए

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट में लिखा आज ही के दिन पंजाब में पराली जलाने के कुल 3634 मामले सामने आए हैं। उन्होंने आगे सवाल किया दिल्ली को गैस चैंबर किसने बना दिया है, इस पर कोई शक नहीं है। आश्चर्य है कि कैसे? घोटाला वहीं है जहां आप है।

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11275 मशीनें गायब हो गईं 

केंद्रीय मंत्री ने कहा- पिछले 5 सालों में केंद्र सरकार ने पंजाब को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के लिए 1347 करोड़ रुपये दिए। राज्य ने 120000 मशीनें खरीदीं। इनमें से 11275 मशीनें गायब हो गई हैं। धन का उपयोग स्पष्ट अक्षमता को दर्शाता है।

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सरकार ने किसानों को असहाय छोड़ा

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा- पिछले साल फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों पर 212 करोड़ रुपये खर्च नहीं किए गए थे। इस साल केंद्र सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के लिए पंजाब को 280 करोड़ रुपये दिए। लगभग 492 करोड़ रुपये उपलब्ध थे लेकिन राज्य सरकार ने असहाय किसानों को फसल अवशेष जलाने के लिए मजबूर छोड़ दिया।

पंजाब सीएम पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री ने आगे पंजाब के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा कि वह अपने ही क्षेत्र संगरूर में किसानों को राहत देने में भी नाकाम रहे हैं। पिछले साल (15 सितंबर-2 नवंबर) संगरूर में खेत में आग लगने के 1266 मामले थे। इस साल वे 139 फीसदी बढ़कर 3025 हो गए हैं।

First published on: Nov 02, 2022 09:08 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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