इधर दिल्ली में मंत्री बने मनजिंदर सिंह सिरसा, उधर पंजाब में क्यों हुई सियासी हलचल तेज?

Punjab Politics On Manjinder Singh Sirsa : इधर दिल्ली में मनजिंदर सिंह सिरसा कैबिनेट मंत्री बनाए गए तो उधर पंजाब में सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी सिरसा के जरिए पंजाब को साधना चाहती है। कांग्रेस ने आप पर निशाना साधा।

Manjinder Singh Sirsa | Dehi Police | BJP Minister

मनजिंदर सिंह सिरसा पर हमला होने की बात से हंगामा मच गया था।

Punjab Politics On Manjinder Singh Sirsa : दिल्ली सरकार में सिख नेता मनजिंदर सिंह सिरसा मंत्री बनाए गए, जिसे लेकर पंजाब में सियासी हलचल तेज है। बीजेपी दिल्ली कैबिनेट में मनजिंदर सिंह सिरसा को शामिल करके पंजाब को साधने की कोशिश कर रही है। इसे लेकर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तंज कसा तो शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि सिरसा का पंजाब में कोई असर नहीं पड़ेगा। आइए जानते हैं कि किसने क्या कहा?

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अकाली दल से बीजेपी में आए 52 वर्षीय सिख मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्ली के राजौरी गार्डन से विधायक बने। सिरसा को दिल्ली में कैबिनेट मंत्री बनाए जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कहा जा रहा है कि पंजाब के मतदाताओं को साधने के लिए भाजपा का एक बड़ा कदम है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में दो अन्य सिख गांधी नगर से अरविंदर सिंह लवली और जंगपुर से तरविंदर सिंह मारवाह ने भगवा लहराया।

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केजरीवाल ने दिल्ली में सिख को मंत्री क्यों नहीं बनाए? : कांग्रेस विधायक

सिरसा के कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद पंजाब कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आप पर तंज कसते हुए कहा कि अगर बीजेपी एक सिख को मंत्री बना सकती है तो अरविंद केजरीवाल ने अपने कार्यकाल के दौरान सिख को मंत्री के रूप में शामिल क्यों नहीं किया। तथ्य यह है कि अल्पसंख्यक समुदाय होने के अलावा सिख दिल्ली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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सिरसा के मंत्री बनाए जाने से पंजाब के लोग खुश : हरजीत सिंह ग्रेवाल

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य हरजीत सिंह ग्रेवाल ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि दिल्ली में सिरसा के मंत्री बनाए जाने से पंजाब के लोग काफी खुश हैं। वे देख रहे हैं कि बीजेपी दिल्ली सरकार में सिखों को किस तरह प्रतिनिधित्व दे रही है। शिरोमणि अकाली दल की अनुपस्थिति में भाजपा ने दिल्ली में बेहतर प्रदर्शन किया और सिख मतदाता सीधे जुड़े। पंजाब में भी लोग धीरे-धीरे बीजेपी से जुड़ रहे हैं और 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में इसका परिणाम सभी को दिखाई देगा।

पंजाब में अच्छा मैसेज : प्रीतपाल सिंह बलियावाल

पंजाब भाजपा के प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने कहा कि दिल्ली या यूपी में सिखों को दिया गया प्रतिनिधित्व निश्चित रूप से पंजाब के लिए एक अच्छा मैसेज है। दिल्ली के सिखों के पास कई मुद्दे हैं। अब विधानसभा में उनकी आवाज बुलंद होगी। बीजेपी ने सिख समुदाय के लिए कई काम किए हैं- जैसे करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलना और भारतीय दूतावासों में वीर बल दिवस मनाना आदि। पंजाब के लोग सब कुछ देख रहे हैं और निश्चित रूप से इसका असर होगा।

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पंजाब में कोई असर नहीं पड़ेगा : परमजीत सिंह सरना

हालांकि, शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा कि दिल्ली में सिरसा के कैबिनेट मंत्री बनाए जाने का पंजाब में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आपको बता दें कि मनजिंदर सिंह सिरसा पहले अकाली दल में थे। दिसंबर 2021 तक वे अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल और दिवंगत प्रकाश सिंह बादल के साथ मंच साझा करते थे।

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शिअद से बीजेपी में आए हैं सिरसा

साल 2013 में मनजिंदर सिंह सिरसा ने राजौरी गार्डन से शिअद उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी, लेकिन 2015 में आप के जरनैल सिंह से सीट हार गए थे। हालांकि, 2017 में जरनैल सिंह ने प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ पंजाब की लांबी सीट से चुनाव लड़ने के लिए राजौरी गार्डन से इस्तीफा दे दिया। 2017 में राजौरी गार्डन में हुए उपचुनाव में सिरसा ने 14000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की। हालांकि, बीजेपी और शिअद के गठबंधन के तहत उन्होंने अकाली दल में होने के बावजूद भाजपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था।

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