‘कृप्या स्वीकार करके उपकृत करें’; पंजाब के गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित ने आखिर क्यों दिया इस्तीफा?
Punjab Governor Banwari Lal Purohit Resigns: पंजाब के गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित ने पद छोड़ दिया है। उन्होंने इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा।
Edited By : Khushbu Goyal|Updated: Feb 3, 2024 15:16
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Banwari Lal Purohit
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Punjab Governor Banwari Lal Purohit Resigns: पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित करते हुए इस्तीफा लिखा। वहीं पुरोहित ने पद छोड़ने के पीछे निजी कारण बताए।
उन्होंने इस्तीफे में लिखा कि व्यक्तिगत कारणों और कुछ अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण, मैं पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक पद से इस्तीफा देता हूं। कृप्या इसे स्वीकार करके पद छोड़ने की अनुमति प्रदान करें।
Punjab Governor and Chandigarh Administrator Banwarilal Purohit resigns due to "personal reasons and certain other commitments." pic.twitter.com/0o05k6Hn6p
बता दें कि बनवारी लाल पुरोहित 31 अगस्त 2021 को पंजाब के 29वें राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनाए गए थे। इससे पहले 2017 से 2021 तक वे तमिलनाडु के राज्यपाल रहे। इससे पहले 2016 से 2017 तक असम के राज्यपाल रहे। बनवारी लाल 3 बार नागपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं।
2 बार कांग्रेस के सांसद रहे और एक बार भाजपा सांसद के रूप में सेवाएं दी। पुरोहित ने राम मंदिर के मुद्दे पर 1991 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। पुरोहित ने 1977 में राजनीति में एंट्री की थी। 1978 से 1982 तक विधानसभा चुनाव जीतते रहे। 1984, 1989 और 1996 में लोकसभा चुनाव जीते।
पंजाब CM भगवंत मान से चल रहा था विवाद
बता दें कि पिछले करीब एक साल से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और गवर्नर का पद छोड़ चुके बनवारी लाल पुरोहित आमने-सामने थे। मुख्यमंत्री ने पुरोहित पर विधानसभा में पास बिलों को मंजूर नहीं करने और प्रदेश के विकास कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए।
विवाद सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। इसके चलते कई बार दोनों के बीच विवाद हुआ। जुबानी तंज कसे गए। विवाद इस हद तक बढ़ गया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गवर्नर हाउस में होने वाला एट होम भी जॉइन नहीं किया था।
Punjab Governor Banwari Lal Purohit Resigns: पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित करते हुए इस्तीफा लिखा। वहीं पुरोहित ने पद छोड़ने के पीछे निजी कारण बताए।
उन्होंने इस्तीफे में लिखा कि व्यक्तिगत कारणों और कुछ अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण, मैं पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक पद से इस्तीफा देता हूं। कृप्या इसे स्वीकार करके पद छोड़ने की अनुमति प्रदान करें।
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Punjab Governor and Chandigarh Administrator Banwarilal Purohit resigns due to “personal reasons and certain other commitments.” pic.twitter.com/0o05k6Hn6p
बता दें कि बनवारी लाल पुरोहित 31 अगस्त 2021 को पंजाब के 29वें राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनाए गए थे। इससे पहले 2017 से 2021 तक वे तमिलनाडु के राज्यपाल रहे। इससे पहले 2016 से 2017 तक असम के राज्यपाल रहे। बनवारी लाल 3 बार नागपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं।
2 बार कांग्रेस के सांसद रहे और एक बार भाजपा सांसद के रूप में सेवाएं दी। पुरोहित ने राम मंदिर के मुद्दे पर 1991 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। पुरोहित ने 1977 में राजनीति में एंट्री की थी। 1978 से 1982 तक विधानसभा चुनाव जीतते रहे। 1984, 1989 और 1996 में लोकसभा चुनाव जीते।
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पंजाब CM भगवंत मान से चल रहा था विवाद
बता दें कि पिछले करीब एक साल से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और गवर्नर का पद छोड़ चुके बनवारी लाल पुरोहित आमने-सामने थे। मुख्यमंत्री ने पुरोहित पर विधानसभा में पास बिलों को मंजूर नहीं करने और प्रदेश के विकास कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए।
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विवाद सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। इसके चलते कई बार दोनों के बीच विवाद हुआ। जुबानी तंज कसे गए। विवाद इस हद तक बढ़ गया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गवर्नर हाउस में होने वाला एट होम भी जॉइन नहीं किया था।