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बेंगलुरू में गतका योद्धाओं के होंगे जबरदस्त मुकाबले, नेशनल गतका ऐसोसिएशन द्वारा 7 से 9 नवंबर तक होगा दूसरा फेडरेशन गतका कप

बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी में 7 से 9 नवंबर तक दूसरा फेडरेशन गतका कप 2025 आयोजित किया जा रहा है, जिसका आयोजन नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनजीएआई) द्वारा किया जा रहा है. इस प्रतियोगिता में अंडर-19 आयु वर्ग के 10 राज्यों के खिलाड़ी गतका सोटी और फरी-सोटी मुकाबलों में भाग लेंगे. एनजीएआई अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल के अनुसार, स्वर्ण पदक विजेताओं को 2026 में रूस के मास्को में होने वाले पहले अंतर्राष्ट्रीय पाइथियन सांस्कृतिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा.

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विश्व गतका फेडरेशन द्वारा मान्यता प्राप्त देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय गतका संस्था, नेशनल गतका ऐसोसिएशन आफ़ इंडिया (एनजीएआई) द्वारा 7 से 9 नवंबर तक बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु, कर्नाटक में दूसरे फेडरेशन गतका कप-2025 का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भारत के सर्वश्रेष्ठ युवा गतका योद्धा रोमांचक मुकाबलों में अपने जंगी कौशल का प्रदर्शन करेंगे.

आज यहां यह जानकारी देते हुए एनजीएआई के अध्यक्ष एडवोकेट हरजीत सिंह ग्रेवाल और अंतर्राष्ट्रीय सिख मार्शल आर्ट काउंसिल के उपाध्यक्ष सुखचैन सिंह कलसानी ने बताया कि इन वार्षिक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अंडर-19 आयु वर्ग में दस राज्यों की टीमें गतका सोटी और फरी-सोटी मुकाबलों में व्यक्तिगत और टीम ईवैंट में भाग लेंगी. उन्होंने बताया कि विश्व गतका फेडरेशन (डब्ल्यूजीएफ) और एशियाई गतका फेडरेशन (एजीएफ) के तत्वावधान में यह आयोजन राष्ट्रीय पाइथियन सांस्कृतिक खेलों के साथ ही आयोजित किया जाएगा जहां भारत की संस्कृति और विरासत का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा. गतका प्रमोटर ग्रेवाल और कलसानी ने कहा कि यह दूसरा फेडरेशन गतका कप नई पीढ़ी के गतका खिलाड़ियों की प्रतिभा को उजागर करेगा.

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उन्होंने बताया कि बेंगलुरु के स्वर्ण पदक विजेताओं को अगले साल 2026 में मास्को में आयोजित होने वाले पहले अंतर्राष्ट्रीय पाइथियन सांस्कृतिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए सीधा टिकट मिलेगा जो गतके की विश्व यात्रा में एक बड़ा कदम साबित होगा. एडवोकेट ग्रेवाल ने बताया कि डब्ल्यूजीएफ और एजीएफ की मान्यता के कारण ही देश का सबसे पुराना गतका संगठन, एनजीएआई, इस खेल को वैश्विक मंच पर ले जा पाया है. इसी नेतृत्व के कारण एनजीएआई द्वारा राष्ट्रीय पाइथियन सांस्कृतिक खेल, खेलो इंडिया यूथ गेम्स, राष्ट्रीय खेल, अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय टूर्नामेंट और राष्ट्रीय स्कूल खेलों में मान्यता दिलाई गई है.

एनजीएआई के महासचिव हरजिंदर कुमार और गतका एसोसिएशन आफ़ पंजाब के संयुक्त सचिव बलजीत सिंह सैनी ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि इस सप्ताह बेंगलुरु शहर भारतीय मार्शल आर्ट का केंद्र बन जाएगा जहाँ राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप युवा एथलीटों को मार्शल आर्ट और विरासत मूल्यों से जोड़ने का एक मंच होगी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में स्थापित एनजीएआई, गतका खेल को एक मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है. हरजीत ग्रेवाल, जो विश्व गतका फेडरेशन के अध्यक्ष भी हैं, ने घोषणा की कि तीसरे फेडरेशन गतका कप से पहले, अगले वर्ष डब्ल्यूजीएफ और एजीएफ द्वारा संयुक्त रूप से पहला अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन गतका कप आयोजित किया जाएगा.

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उन्होंने कहा कि ये अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ गतका के प्रचार-प्रसार के लिए दो दशक पहले शुरू हुए उस सफ़र के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं जिसमें इस प्राचीन मार्शल आर्ट को दुनिया भर में एक मान्यता प्राप्त खेल के रूप में मान्यता दिलाने का बीड़ा उठाया गया था.

First published on: Nov 06, 2025 07:23 PM

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