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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पंजाब सरकार राज्य के कमजोर और पिछड़े वर्गों की भलाई के लिए ईमानदारी से जुटी हुई है और इसमें कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है। लाभार्थियों को कर्ज माफी के प्रमाणपत्र सौंपने के लिए आयोजित समारोह के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आम आदमी को और अधिक सक्षम बनाने के लिए मिशनरी भावना से लोगों की सेवा कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार अपनी कलम का उपयोग समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की मदद के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों की अधिक से अधिक भलाई सुनिश्चित कर रही है ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा अमीर लोगों के कर्ज माफ किए जाते थे जबकि गरीब लोगों की भलाई की कोई परवाह नहीं की जाती थी। पंजाब के इतिहास में पहली बार राज्य के पिछड़े और कमजोर वर्गों को यह राहत मिली है। उन्होंने कहा कि यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि पहली बार राज्य का बजट आम आदमी की भलाई के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी खजाने का एक-एक पैसा सार्वजनिक भलाई पर खर्च कर रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता दे रही है क्योंकि इससे कमजोर और पिछड़े वर्गों की भलाई के लिए नए रास्ते खुलते हैं। शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति की सफलता के लिए कुंजी है और राज्य के प्रत्येक युवा के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। पंजाब सरकार के पास राज्य में शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान सार्वजनिक भलाई वाले और खुशी के ऐसे कार्य बहुत कम होते थे। अब एक नए युग की शुरुआत हुई है जब सरकार द्वारा आए दिन नए प्रोजेक्ट जनता को समर्पित किए जा रहे हैं और युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं। यह ‘रंगला पंजाब’ की झलक है और राज्य सरकार अब खुशी के ऐसे समारोहों के माध्यम से लोगों की सुविधा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
सीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 67.84 करोड़ रुपये की कर्ज माफी से लगभग 4800 परिवारों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि पंजाब अनुसूचित जातियां भूमि विकास एवं वित्त निगम (पी.एस.सी.एफ.सी.) द्वारा 31 मार्च, 2020 तक बांटे गए कर्जों पर लकीर फेर दी गई है। उन्होंने बताया कि यह माफी पी.एस.सी.एफ.सी. द्वारा उपरोक्त तिथि तक बांटे गए सभी कर्जों के लिए है जिससे एस.सी. समुदाय और दिव्यांग वर्ग के कर्ज़दारों को अत्यधिक आवश्यक राहत मिली है। इस कदम से कुल 4,727 कर्ज़दारों को 67.84 करोड़ रुपये की कुल राशि का लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन कर्जदारों ने पहले भी कर्ज माफी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया है, वे भी इस योजना का लाभ लेने के लिए योग्य माने जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित जाति समुदाय की जनसंख्या पंजाब की कुल जनसंख्या का 31.94 प्रतिशत है। इस समुदाय के बहुत से सदस्यों ने अपनी आर्थिक तरक्की के उद्देश्य से स्वरोजगार का उद्यम स्थापित करने के लिए पी.एस.सी.एफ.सी. से कर्ज लिया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ कर्जदार परिस्थितियों के कारण कर्ज वापस करने में असमर्थ रहे हैं, जिसके कारण वे डिफ़ॉल्ट हो गए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस माफी योजना के लागू होने से अनुसूचित जाति समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और दिव्यांग वर्ग के 4,727 लाभार्थियों को 67.84 करोड़ की राहत मिलेगी जिसमें 30.02 करोड़ रुपये मूल राशि, 22.95 करोड़ रुपये ब्याज और 14.87 करोड़ रुपये का दंड ब्याज शामिल है (जो 30 अप्रैल, 2025 तक गणना किया गया है)।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह सिर्फ वादे ही नहीं करते बल्कि उन्हें पूरा भी करते हैं जबकि पिछली सरकारों ने अनुसूचित जाति समुदाय को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि आप सरकार अनुसूचित जाति समुदाय के परिवारों के दुख-दर्द को समझती है और उन्हें हमेशा बराबरी, बनते हक और मान-सम्मान दिया है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., लाल चंद कटारूचक्क और कुलदीप सिंह धालीवाल के अलावा कई लोग मौजूद थे।
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