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पुलिस-फायर या एम्बुलेंस, अब ‘112’ पर ही होगा हर समाधान, दिल्ली वालों को अलग-अलग इमरजेंसी नंबरों से मिला छुटकारा

ERSS 2.0 में कंट्रोल रूम का डैशबोर्ड घटना स्थल, भेजी गई गाड़ी और उसकी अनुमानित दूरी की रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करेगा, जिससे देरी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत हो सकेगी.

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राष्ट्रीय राजधानी में आपात सेवाओं को एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. अब दिल्लीवासियों को संकट की घड़ी में अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर याद रखने या डायल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) 2.0 के तहत एकल नंबर 112 पर कॉल, ऐप, पैनिक बटन, एसएमएस या वेब अलर्ट के जरिए तत्काल सहायता उपलब्ध होगी, जो सभी प्रकार की इमरजेंसी को एक साथ संभाल लेगा.

CM रेखा गुप्ता ने दी जानकारी


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 112 को राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर घोषित किए जाने के अनुरूप दिल्ली सरकार इस आधुनिक यूनिफाइड सिग्नल हैंडलिंग सिस्टम को लागू कर रही है. पब्लिक सेफ्टी आंसरिंग पॉइंट (पीएसएपी) पर प्राप्त सभी कॉल्स के आधार पर पुलिस, अग्निशमन, एम्बुलेंस और आपदा प्रबंधन सेवाओं को स्वतः अलर्ट किया जाएगा. खास बात यह है कि सिस्टम कॉलर की लोकेशन अपने आप ट्रैक कर लेगा, जिससे पीड़ित को स्थान बताने की झंझट से छुटकारा मिलेगा और गोल्डन आवर में समय की बचत होगी.

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अलग-अलग इमरजेंसी नंबरों से छुटकारा


ERSS 2.0 में कंट्रोल रूम का डैशबोर्ड घटना स्थल, भेजी गई गाड़ी और उसकी अनुमानित दूरी की रीयल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करेगा, जिससे देरी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत हो सकेगी. वर्तमान में पुलिस के लिए 100, फायर के लिए 101, एम्बुलेंस के लिए 108, महिला हेल्पलाइन 181, आपदा प्रबंधन 1077 सहित कई नंबरों की भ्रांति से होने वाली देरी अब इतिहास बन जाएगी. चरणबद्ध रूप से लागू होने वाली इस योजना से न केवल प्रतिक्रिया तेज होगी, बल्कि सेवाओं पर जवाबदेही भी बढ़ेगी.

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पहले क्या होती थी परेशानी?


दिल्ली सरकार के अधिकारी ने बताया कि योजना के पहले चरण में सभी पुराने नंबरों को 112 में समाहित किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को संकट में एक ही नंबर पर भरोसा कर सकने का विकल्प मिलेगा. यह कदम शहरी आपात प्रबंधन को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास है, जो जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

First published on: Jan 19, 2026 11:42 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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