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कानपुर में नर्स की लापरवाही ने छीनी नवजात की जान, वार्मर मशीन में जलकर मासूम की मौत

Kanpur News: कानपुर के एक निजी अस्पताल में नर्स की लापरवाही से नवजात बच्ची की मौत हो गई. वार्मर मशीन में आग लगने से मासूम की जान चली गई. ये घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 9, 2026 10:33
Kanpur newborn death
Credit: Social Media

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक निजी अस्पताल की लापरवाही की वजह से नवजात बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई. ये हादसा बिठूर इलाके में मौजूद राजा नर्सिंग होम में हुआ, जिसने इंसानियत और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के मुताबिक, रविवार को अरुण निषाद की पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया था. परिवार के लिए ये खुशी का पल था. मां और बच्ची दोनों स्वस्थ थे. डॉक्टरों की सलाह पर नवजात को वार्मर मशीन में रखा गया, ताकि उसे गर्माहट मिल सके. लेकिन कुछ ही देर बाद वार्मर मशीन में आग लग गई.

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नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही ने ली बच्ची की जान

आरोप है कि वार्ड में मौजूद नर्स और स्टाफ ने मशीन की ठीक से निगरानी नहीं की. वार्मर मशीन में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग भड़क उठी. मासूम बच्ची पूरी तरह झुलस गई. जब तक परिजन कुछ समझ पाते और बच्ची को बाहर निकाला जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई. बच्ची को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसने दम तोड़ दिया. बच्ची की मां को काफी देर तक इस घटना की जानकारी नहीं दी गई, क्योंकि वो डिलीवरी के बाद कमजोर हालत में थी.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

मासूम की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उनका आरोप है कि अगर अस्पताल स्टाफ थोड़ी सी भी जिम्मेदारी निभाता, तो उनकी बच्ची आज जिंदा होती. उन्होंने इस घटना को सीधी लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या बताया है. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड को सील कर दिया गया. नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ये घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है. सवाल यह है कि जब अस्पताल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर भी नवजात सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों का भरोसा आखिर किस पर टिकेगा?

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First published on: Feb 09, 2026 10:30 AM

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