---विज्ञापन---

मुंबई

मुंबई में पॉल्यूशन के खिलाफ बड़ा एक्शन, बोर्ड ने MMR में 19 RMC प्लांटों पर जड़ा ताला

मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बड़ा कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 19 आरएमसी प्लांटों पर ताला लगा दिया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

Author Written By: Ankush jaiswal Updated: Dec 4, 2025 12:47

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए महाराष्ट्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (MPCB) ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने प्रदूषण नियंत्रण नियमों की अनदेखी करने वाले 19 रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट तुरंत प्रभाव से बंद कर दिए हैं।

MPCB का कहना है कि शहर में धूल और पार्टिकुलेट मैटर बढ़ने की प्रमुख वजह निर्माण-गतिविधियां और RMC यूनिट्स हैं, ऐसे में नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

---विज्ञापन---

बता दें कि मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों से हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों का सही से पालन न होना सबसे बड़ी वजहों में शामिल है। इसी को ध्यान में रखते हुए MPCB ने मॉनिटरिंग और कार्रवाई दोनों को तेज किया है।

यह भी पढ़ें: मुंबई की पहली अंडरग्राउंड टनल रोड, खुदाई करने उतरी 2,400 टन वजन की TBM मशीन

---विज्ञापन---

जानकारी के अनुसार, MMR में 32 मॉनिटरिंग स्टेशन हैं, 14 सिर्फ मुंबई में ही हैं। बोर्ड के पास MMR में कुल 32 कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) हैं। 14 स्टेशन मुंबई नगर क्षेत्र में हैं, बाकी ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, नवी मुंबई और पनवेल में हैं। ये स्टेशन हवा में मौजूद PM2.5, PM10, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड जैसे प्रदूषक लगातार रिकॉर्ड करते हैं और यह डेटा सीधा केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) को भेजा जाता है, जिसे लोग समीर ऐप पर भी देख सकते हैं।

इसके अलावा स्टेशनरी मॉनिटरिंग के साथ-साथ MPCB ने 22 मोबाइल मॉनिटरिंग वैन भी तैनात कर रखी हैं। ये वैन उन इलाकों में भेजी जाती हैं जहाँ शिकायतें अधिक आती हैं जैसे बड़े निर्माण स्थल, औद्योगिक क्षेत्र, हाईवे-ट्रैफिक-प्रभावित जोन आदि। मोबाइल यूनिट्स तुरंत हवा की स्थिति का डेटा रिकॉर्ड करती हैं और बोर्ड उसी आधार पर ऑन-स्पॉट कार्रवाई करता है।

RMC प्लांट बंद करने के पीछे की वजह बताते हुए अधिकारियों ने बताया कि कई RMC प्लांट धूल रोकने के उपकरण का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। पानी का छिड़काव या कवरिंग जैसी बेसिक गाइडलाइन फॉलो नहीं कर रहे थे। साथ ही सीमेंट व फ्लाई ऐश खुले में जमा कर रहे थे। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र अपडेट नहीं कर रहे थे। MPCB ने इन सभी पर तुरंत सख्त कदम उठाते हुए ऑपरेशन रोकने का आदेश दिया।

यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में ‘हवा’ ने तोड़ा 8 साल का रिकॉर्ड, आज 300 रिकॉर्ड हुआ AQI, इस हफ्ते कैसा रहेगा मौसम?

First published on: Dec 04, 2025 10:26 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.