महाराष्ट्र सरकार ने आतंकवाद और कट्टरपंथ से कथित तौर पर जुड़े 114 प्रकाशनों, पत्रिकाओं, किताबों, मैनुअल और डिजिटल सामग्री को जब्त करने का आदेश दिया है. सरकार ने इस संबंध में गजट अधिसूचना भी जारी की है.

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गृह विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस की जांच, खुफिया इनपुट और साइबर निगरानी के आधार पर यह कार्रवाई की गई. जांच में आरोप है कि इन सामग्रियों के जरिए हिंसक चरमपंथ का महिमामंडन, युवाओं का कट्टरपंथीकरण, वैचारिक रूप से प्रभावित करने और आतंकी संगठनों में भर्ती को बढ़ावा दिया जा रहा था.

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यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS, 2023 की धारा 98(1) के तहत की गई है. प्रतिबंधित सामग्री में The Revolutionary Resurgence, Kashmir Kifah – Resilience & Courage, The Soul of Resistance और Nawai Gazwa-e-Hind के वर्ष 2023 से 2025 के बीच प्रकाशित कई संस्करण शामिल हैं.

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सरकार के इस कदम को महाराष्ट्र की बड़ी आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है. अब कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी और आतंकी फंडिंग नेटवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से फैलाए जा रहे चरमपंथी प्रचार और भर्ती के सूचना तंत्र को भी निशाना बनाया जा रहा है.

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सरकार का उद्देश्य ऐसे कंटेंट की पहुंच रोककर राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था की रक्षा करना है. हालांकि, ऑनलाइन कट्टरपंथ को रोकने के लिए प्रतिबंध के साथ डिजिटल जागरूकता, वैकल्पिक सकारात्मक नैरेटिव और लगातार साइबर मॉनिटरिंग की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है.

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