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एक बेटी ने झूठे रेप केस में भिजवाया जेल, दूसरी ने नाबालिग होते हुए मजदूरी कर लड़ा केस, पिता को दिलाया इंसाफ

Stape Daughter Sent Father To Jail For False Rape Case: मध्य प्रदेश के के देवास जिले में एक बेटी ने अपने ही पिता को झूठे रेप केस फंसाकर जेल भेजवा दिया। वहीं दूसरी बेटी ने नाबालिग होने के बाद भी मजदूरी करके अपने पिता को कोर्ट से न्याय दिलवाया है।

Edited By : Pooja Mishra | Updated: May 18, 2024 16:26
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Stape Daughter Sent Father To Jail For False Rape Case

Stape Daughter Sent Father To Jail For False Rape Case: मध्य प्रदेश के देवास जिले से पिता और बेटी के प्यार भरे रिश्ते को तार-तार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक बेटी ने अपने पिता को झूठे दुष्कर्म के आरोप में पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भिजवाया दिया। वहीं दूसरी बेटी ने मजदूरी करते हुए कोर्ट में केस लड़कर पिता को इंसाफ दिलवाया है। यह मामला जिले के बागली थाना क्षेत्र का है।

नाबालिग बेटी ने पिता को दिलाया न्याय

दरअसल, सौतेली बेटी ने फरवरी 2021 में बागली थाना में अपने पिता के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था, जिसमें उसने बताया कि उसका सौतेले पिता पिछले 10 साल से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म के तहत केस दर्ज कर आरोपी पिता को जेल भेज दिया था। इसके बाद व्यक्ति की सगी नाबालिग बेटी ने मेहनत-मजदूरी और लोगों के घरों में झाड़ू-पोछा करके कोर्ट में पिता के न्याय की लड़ाई लड़ी। नाबालिग बेटी ने ना सिर्फ केस लड़ा बल्कि कोर्ट से अपने पिता को बाइज्जत बरी भी करवाया।

क्या था मामला

इस मामले की सुनवाई करते हुए बागली एडीजे कोर्ट में इस केस की पीड़िता, डॉक्टर, परिजन और पुलिस समेत कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। वहीं जब मेडिकल टेस्ट हुआ तो शिकायतकर्ता बेटी ने बताया कि अक्टूबर 2020 में उसे पता चला कि वह 24 हफ्ते की गर्भवती थी। वहीं जब डॉक्टरों ने इस मामले की बारीकी से जांच की तो पता चला कि केस के अनुसार शिकायतकर्ता का 24 हफ्ते का गर्भ सितंबर 2020 में होना था। इसके बाद से इस पूरे केस की कहानी ही बदल गई। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर नवजात शिशु और आरोपी के डीएनए की जांच करवाई गई, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके अलावा शिकायतकर्ता बेटी ने जिस घर को घटनास्थल बताया था, वह घर 15 बाय 15 का सिर्फ एक कमरा है, जिसमें कुल 7 लोग रहते हैं। इतने छोटे से कमरे में मां, बाकी के 4 भाई-बहन रहते हुए उनकी जानकारी के बिना 10 साल तक दुष्कर्म का होना मुश्किल है।

कोर्ट का फैसला 

कोर्ट ने कहा कि किसी भी सूरत में यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि आरोपी की बेटी के साथ दुष्कर्म जैसा घृणित अपराध होने पर वह चुप रहेगी। वहीं आरोपी पिता की तरफ से तर्क दिया गया कि उसकी बेटी साल 2018 में घर से चली गई थी। उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट खुद आरोपी पिता ने दर्ज करवाई थी। इसके बाद जनवरी 2021 को उसकी बेटी फिर से घर से भाग गई। पिता ने इसकी भी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस बीच उसकी बेटी ने 1 फरवरी 2021 को शादी कर ली। उसकी इस शादी से आरोपी पिता काफी नाराज थे। उसकी बेटी अपने पति और सास के साथ थाने आकर पिता के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया। कोर्ट ने सभी परिस्थितियों, मेडिकल रिपोर्ट, घटना को लेकर पीड़िता के अविश्वसनीय कथन आदि के आधार पर आरोपी पिता को बरी कर दिया।

First published on: May 18, 2024 04:25 PM

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