जीतू पटवारी के समर्थन में उतरे कमलनाथ और दिग्विजय सिंह, कहा-लगे रहो, हम सब साथ है
Edited By Arpit Pandey

mp politics kamal nath and digvijay singh
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MP Politics: कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को शासकीय कार्य में बाधा डालने से जुड़े एक मामले में भोपाल जिला अदालत ने एक साल की सजा सुनाई थी। हालांकि उन्हें तुरंत ही इस मामले में जमानत मिल गई थी। लेकिन इस बीच जीतू के समर्थन में कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता उतर आए हैं। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने जीतू पटवारी का समर्थन किया है।
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘किसानों के लिए व बिजली उपभोक्ताओं के लिए आंदोलन करना यदि अपराध है तो हम बार बार करेंगे। उनके लिए संघर्ष में हम सब साथ हैं। जीतू लगे रहो।’ बता दें कि इस प्रदर्शन के दौरान दिग्विजय सिंह भी जीतू पटवारी के साथ थे।
वहीं पीसीसी चीफ कमलनाथ ने लिखा कि ‘भोपाल की एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को किसान और बिजली बिल के खिलाफ आंदोलन के एक पुराने मुकदमे में सजा सुनाई है। हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे असहमत हैं। हम ऊंची अदालत में इस फैसले को चुनौती देंगे। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता जनता की लड़ाई लड़ने से कभी पीछे नहीं हटेंगे, चाहे उनके खिलाफ किसी तरह की कार्यवाई की जाए।’
‘समाज को हक दिलाने के लिए आंदोलन करना नेता का पहला कर्तव्य है, यह संविधान की मूल भावना के अनुरूप है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से कांग्रेस के हर कार्यकर्ताओं ने यही सीखा है। पूरी कांग्रेस पार्टी जीतू पटवारी के साथ है। हम सब मिलकर लोकतांत्रिक संवैधानिक और अदालती तरीके से अन्यायी सरकार का मुकाबला करेंगे।’
नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने लिखा कि जीतू पटवारी को किसान हित के लिए सरकार के खिलाफ किए गये आंदोलन के एक मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सजा सुनाई गई है, हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे असहमत हैं। जबकि अरुण यादव ने लिखा कि ‘कल MP MLA कोर्ट ने हमारे भाई जीतू पटवारी को वर्षों पुराने भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन के मामले में सजा सुनाई है, हम अदालत के फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देंगे, मगर जनविरोधी सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ना बन्द नहीं करेंगें। कांग्रेस पार्टी प्रत्येक नेता व कार्यकर्ता के साथ है।’
दरअसल, जीतू पटवारी सहित 17 लोगों पर 2009 में राजगढ़ में शासकीय कार्य में बांधा डालने पर मामला दर्ज किया गया था। जिसकी सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी। इस मामले में जीतू पटवारी के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष राजगढ़ चंदर सोंधिया, उज्जैन कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र मरमट, पूर्व विधायक राजगढ़ कृष्णमोहन मालवीय को भी दोषी पाया गया है। खास बात यह है कि सुनवाई के दौरान कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी खुद भी कोर्ट में मौजूद थे।
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