बाबा बागेश्वर की वजह से कांग्रेस में ही दिखी नाराजगी ! जानिए क्यों कमलनाथ ने कह दिया नो टेंशन

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MP Politics: कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा जिले में भागवत कथा कर रहे बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर हिंदू राग छेड़ दिया। जिस पर कांग्रेस के ही कुछ नेताओं ने सवाल उठाए हैं। ज्ञानवापी मंदिर और नूंह को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कुछ ऐसा कहा, जिससे एमपी की सियासत में ही उबाल आने लगा। हालांकि इस पूरे मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आयोजन को सही ठहराया है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का आयोजन कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा से सांसद नकुलनाथ ने करवाया था।

आचार्य प्रमोद ने साधा निशाना

दरअसल, छिंदवाड़ा में चल रही कथा को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद ने ट्वीट कर सवाल उठाए। उन्होंने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि आशाराम बापू भी प्लेन से ही छिंदवाड़ा गये थे। इसके अलावा उन्होंने कहा की भाजपा के स्टार प्रचारक की आरती उतारना कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को शोभा नहीं देता। वहीं इस मामले में कमलनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि कोई कुछ कहे, मैं नहीं जानता क्यों किसी पेट में दर्द हो रहा है। जिससे यह पूरा मामला तूल पकड़ता नजर आया।

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नरोत्तम मिश्रा ने उठाए सवाल

आचार्य प्रमोद ने जब पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा को लेकर जब कमलनाथ पर सवाल उठाए तो बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कमलनाथ को अब हिंदुओ की ताकत पता चल गई है। लेकिन यह सुविधा भोगी हिंदू हैं, जो राष्ट्र की बजाय खुद के लिए काम करते हैं। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कमलनाथ पर निशाना साधा था। उनका कहना था कि चुनाव के वक्त सभी को धर्म याद आता है फिर धर्म भूल जाते हैं।

भक्ति का अधिकार सभी को है

वहीं कमलनाथ ने कहा कि हनुमान जी की भक्ति का अधिकारी सभी को है। क्योंकि राष्ट्र हित और भारत के लिए कल्याण के लिए जो भी काम करेगा हनुमानजी उसका कल्याण करेंगे। इसलिए हमारा मध्य प्रदेश आगे बढ़े और देश फिर से विश्वगुरू बने।

कमलनाथ का सॉफ्ट हिंदुत्व

बता दें कि पिछले कुछ महीनों से एमपी कांग्रेस का ऐसा चेहरा देखने को मिल रहा है, जो इससे पहले कभी नहीं देखा गया था। चुनावी साल में बीजेपी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस इस बार उसी की रणनीति अपना रही है। दरअसल, कमलनाथ इस बार सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर नजर आ रहे हैं। ऐसे में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है। वैसे-वैसे मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है।

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ये भी देखें: नाराज आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री से की आसाराम की तुलना

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