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MP के सरकारी स्कूल बने डिजिटल, इस जिले में E-Classes में पढ़ रहे बच्चे

Madhya Pradesh Tribal Children Education: प्रदेश के जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और इनके सर्वांगीण विकास के लिये राज्य सरकार कार्य कर रही है। जनजातीय वर्ग के बच्चे शिक्षा के मामले में किसी से भी पीछे न रहें, इसके लिए सरकार ने जनजातीय बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयास कर रही है।

Madhya Pradesh Tribal Children Education: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक शिक्षित प्रदेश बनाने के उद्देश से मोहन सरकार लगातार शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है। बच्चों की शिक्षा-दीक्षा पर लगातार काम अपना अच्छा योगदान दे रही है। इसी में मध्यप्रदेश के जनजातीय बाहुल्य खरगोन जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे जनजातीय बच्चे स्मार्ट क्लासेस मतलब ई-कक्षाओं से ज्ञान लेकर अपना भविष्य बना रहे हैं। यहां ई-कक्षाओं के जरिए ऑनलाइन क्लासेस चलाई जा रही है। इन ऑनलाइन क्लासेस में एक्सपर्ट टीचर्स बच्चों को सरल और सहज तरीके से पढ़ा रहे हैं और दुनिया में हो रहे नए-नए चीजों की जानकारी भी दे रहे हैं। इन क्लासेस का लाभ जनजातीय कार्य विभाग द्वारा खरगोन जिले में चलाये जा रहे 64 हायर सेकेंडरी स्कूल्स में पढ़ रहे सभी विद्यार्थियों को मिल रहा है।

विद्यार्थियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं के जवाब विषय विशेषज्ञों द्वारा सटीकता से लेक्चर्स के दौरान दिए जा रहे हैं। खरगोन जिले के सुदूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को तो इन ऑनलाइन क्लासेस का सबसे ज्यादा लाभ मिल रहा है। विकसित भारत का सपना अब दूर नहीं, क्योंकि इसके लिए धरातल पर काम शुरू हो चुका है। बच्चे देश का भविष्य हैं और कर्णधार भी। भविष्य में जिन बच्चों के हाथों में देश की बागडोर आने वाली है, वे खुद जब आधुनिक माध्यमों से शिक्षित होंगे, तो अपनी भावी पीढ़ियों के लिए भी सुनहरे भविष्य की नींव रखेंगे। अच्छी बात है कि इसकी शुरुआत भी हो भी गई।

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क्यों चलाईं जा रही है ई-कक्षाएं ?

जनजातीय कार्य विभाग के 64 हायर सेकेंडरी स्कूल्स को एडवांस टेक्निक से जोड़कर ई-कक्षाएं चलाई जा रही हैं। ई-कक्षाओं के जरिये विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा दी जा रही है। ई-कक्षाओं से शिक्षक विहीन शालाओं (Schools Without Teachers) में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के अलावा सर्वश्रेष्ठ विषय विशेषज्ञों से लेक्चर्स दिलाकर परीक्षा के लिए उपयोगी प्रश्नों की तैयारी कराई जा रही है। अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पॉजिटिव वातावरण निर्माण सहित विद्यार्थियों की क्षमता और दक्षता संवर्धन भी किया जा रहा है।

कैसे चलाईं जा रही हैं ई-कक्षाएं ?

इस काम के लिए खरगोन जिले के एक्सपर्ट टीचर्स चुने गए हैं। निगरानी के लिए देवी अहिल्या उत्कृष्ट विद्यालय क्र. 01 खरगोन में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। ई-कक्षाओ में कक्षा 10वीं के गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान तथा कक्षा 12वीं के लिए गणित, भौतिक शास्त्र, केमिस्ट्री, जीव विज्ञान और अंग्रेजी की पढ़ाई करवाई जा रही है।

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ईं-कक्षाओं से विद्यार्थियों को लाभ

सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों से पढ़कर विद्यार्थियों की विषयगत शंकाओं का समाधान हो रहा है। इससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उनमें चयन के अवसर भी मिलेंगे। जिन शालाओं में विषय विशेषज्ञ शिक्षक नहीं है, वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को संबंधित विषय को समझने में बेहद आसानी होगी। बोर्ड परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) की भी बेहतर तरिके से तैयारी हो पायेगी।

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First published on: Jul 25, 2024 05:35 PM

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