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MP के मुख्यमंत्री का ऐलान- क्षिप्रा नदी में इंदौर से आने वाली कान्ह नदी का गंदा पानी मिलने से रोका जाए

CM Mohan Yadav and Kshipra River Water: सीएम ने अधिकारियों संग क्षिप्रा नदी में कान्ह नदी के गंदे पानी को मिलने से रोकने पर काफी चर्चा की।

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CM Mohan Yadav and Kshipra River Water: मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने बुधवार के दिन जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उज्जैन की क्षिप्रा नदी को लेकर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सीएम ने अधिकारियों संग क्षिप्रा नदी में इंदौर से आने वाली कान्ह नदी के गंदे पानी को मिलने से रोकने पर काफी चर्चा की। इसी के साथ मीटिंग में पानी का ट्रीटमेंट धर्मपुरी से शुरू करने और पानी को शुद्ध कर खेतों की सिंचाई इस्तेमाल करने पर भी विचार किया गया।

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क्षिप्रा नदी पर बेहतर घाटों का निर्माण

इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए क्षिप्रा नदी पर बेहतर घाटों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही सीएम यादव ने शनि मंदिर से गऊघाट, वीर दुर्गादास की छत्री से मंगलनाथ घाट, मंगलनाथ से भेरूगढ़ ब्रिज, भूखी माता के सामने घाट निर्माण समेट करीब 27 किलोमीटर की लंबाई के घाटों के निमार्ण पर भी चर्चा की। इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने क्षिप्रा नदी पर छोटे घाट बनाने के निर्देश दिए हैं, सीएम का कहना है कि घाट छोटे ही जाएं, ताकि खेतों की जमीन प्रभावित न हो।

यह भी पढ़ें: MP के मुख्यमंत्री की नीति आयोग से मीटिंग, प्रदेश के विकास और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने को लेकर हुई चर्चा

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क्षिप्रा नदी के पानी का शुद्धीकरण

इसके अलावा सीएम ने क्षिप्रा नदी के कमांड एरिया में पानी बढ़ने की क्षमता के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का आधिकारियों को खास निर्देश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने इन कामों की योजना के लिए इंदौर और उज्जैन की स्थानीय प्रशासन की संयुक्त बैठक भी आयोजित करने को कहा है। इस बैठक में सीएम के साथ अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

First published on: Feb 14, 2024 12:02 PM

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