DA of MP government employees will not increase: मध्य प्रदेश में एक दिन बाद यानी 17 नवम्बर को विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान होना है, ऐसे में राज्य में सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी एक खबर है। खबर है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों का डीए नहीं बढ़ेगा। बता दें कि सरकार ने कर्मचारियों का 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया था। राज्य में 1 जनवरी 2023 से 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जिसको सरकार बढ़ाकर 46 प्रतिशत करना चाहती थी, लेकिन चुनाव आयोग ने सरकार को इसकी इजाजत नहीं दी।
यह भी पढ़ें- ‘अहंकार का पाठ पढ़ाने वाले खुद आईने में झांक लें…’,प्रियंका गांधी के तंज पर सिंधिया का पलटवार
नहीं मिली हरी झंडी
आपको बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों को 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है, इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने की बात कही थी, लेकिन प्रदेश में आचार संहिता लगने की वजह से चुनाव आयोग ने सरकार को इसकी अनुमति नहीं दी है। राज्य पुनर्गठन आयोग की धारा 49 में पेंशन से जुड़े मामले में दोनों राज्यों के बीच सहमति होना अनिवार्य होता है। यह ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के मंथली नंबर्स के आधार पर तय किया जाता है।
दिवाली पर भेजा था प्रस्ताव
मुख्यमंत्री शिवराज ने दिवाली के मौके पर राज्य चुनाव आयोग को 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने एक्स पर शेयर की थी। उन्होंने राज्य कर्मचारियों को बधाई देते हुए लिखा था कि अब राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर हो जाएगा।
https://youtu.be/oFfh7d99la8?si=2HglaoXobLlyr5cW
DA of MP government employees will not increase: मध्य प्रदेश में एक दिन बाद यानी 17 नवम्बर को विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान होना है, ऐसे में राज्य में सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी एक खबर है। खबर है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों का डीए नहीं बढ़ेगा। बता दें कि सरकार ने कर्मचारियों का 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया था। राज्य में 1 जनवरी 2023 से 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जिसको सरकार बढ़ाकर 46 प्रतिशत करना चाहती थी, लेकिन चुनाव आयोग ने सरकार को इसकी इजाजत नहीं दी।
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नहीं मिली हरी झंडी
आपको बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों को 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है, इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने की बात कही थी, लेकिन प्रदेश में आचार संहिता लगने की वजह से चुनाव आयोग ने सरकार को इसकी अनुमति नहीं दी है। राज्य पुनर्गठन आयोग की धारा 49 में पेंशन से जुड़े मामले में दोनों राज्यों के बीच सहमति होना अनिवार्य होता है। यह ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के मंथली नंबर्स के आधार पर तय किया जाता है।
दिवाली पर भेजा था प्रस्ताव
मुख्यमंत्री शिवराज ने दिवाली के मौके पर राज्य चुनाव आयोग को 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने एक्स पर शेयर की थी। उन्होंने राज्य कर्मचारियों को बधाई देते हुए लिखा था कि अब राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर हो जाएगा।