Jabalpur longest flyover Flaws: भोपाल में 90 डिग्री के अजूबे फ्लाइओवर के बाद अब एमपी का सबसे लंबा फ्लाईओवर भुलभुलैया बन गया है, ये जबलपुर में करीब 7 किमी का फ्लाई ओवर है. जो करीब 1100 करोड़ की लागत से 6 साल में बनकर तो तैयार हुआ, जिसका 23 अगस्त 2025 में बकायदा शुभारंभ हुआ था. लेकिन अब 5 महीने पूरे होने के बावजूद इसके अब तक खामियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. इसके बड़े-बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड में भी आगे आने वाली जगहों की दिशाएं गलत दिखाई जा रही हैं. सीधे जाने वाले रास्ते पर राइट टर्न के संकेत दिख रहे हैं. इससे राहगीर कन्फ्यूज हो रहे हैं.
शशांक तिवारी का वीडियो वायरल
इसी भुलभुलैया से लोगों को बचाने के लिए जबलपुर के एक पुलिस कॉन्स्टेबल शशांक तिवारी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो एमपी के सबसे लंबे फ्लाईओवर की खामियों की बात करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में पुलिस जवान कह रहे हैं कि यह मध्य प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर है लेकिन ये फ्लाईओवर हमारे जबलपुर के लोगों के लिए बहुत ही बड़ा भुलभुलैया साबित होता है. यहां पर कोई इंडिकेशन ठीक तरीके से नहीं दिए गए हैं. जो भी इंडिकेशन दिए हैं, वे ऐसे हैं कि लोगों को समझ नहीं आते हैं कि इंडिकेशन के हिसाब से सड़क से किस तरफ से उतरें. उन्होंने वीडियो में कुछ तरीके बताए जिससे लोग कन्फ्यूजन से बच सकते हैं.
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फ्लाईओवर का दो बार हुआ था उद्घाटन
जबलपुर में 7 किलोमीटर लंबे दमोह क्रॉसिंग से मदन महल तक बने इस फ्लाईओवर का दो बार उद्घाटन हुआ. महानंदा से मदन महल तक के हिस्से का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सितंबर 2023 में किया था. 23 अगस्त 2025 में दूसरी बार इसका उद्घाटन केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया. 2016 में इस परियोजना को नितिन गडकरी ने ही मंजूरी दी थी. फ्लाईओवर की आधारशिला 22 फरवरी 2019 को नितिन गडकरी ने ही रखी. तीन वर्षों में पूरी होने का टार्गेट लेकर चली यह परियोजना 6 साल में पूरी हुई, जिससे इसका बजट 758 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,053 करोड़ रुपये हो गई.
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