प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के विकास, निवेश, कृषि, पर्यटन, रोजगार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक विरासत जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर न्यूज 24 के समक्ष खुलकर अपनी बात रखी. News 24 मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के न्यूज एडिटर अभिलाष मिश्रा से बातचीत के दौरान सीएम मोहन यादव ने बताया कि किस तरह केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से मध्य प्रदेश तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है. उन्होंने राज्य में चल रही बड़ी परियोजनाओं, निवेश आकर्षित करने की रणनीति और भविष्य के विजन पर भी खुलकर चर्चा की.
सवाल: प्रधानमंत्री मोदी के 12 सालों में मध्य प्रदेश को सबसे बड़ी उपलब्धियां क्या मिलीं?
जवाब: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश को कई ऐतिहासिक परियोजनाओं का लाभ मिला है. बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए नदी जोड़ो अभियान, पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना, किसानों के लिए एमएसपी व्यवस्था, आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने राज्य की तस्वीर बदलने का काम किया है. उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों की संख्या के मामले में मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है.
सवाल: आपकी सरकार का ऐसा कौन सा काम है जिस पर आपको सबसे ज्यादा गर्व है?
जवाब: इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना उनकी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. उन्होंने बताया कि बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जैसे क्षेत्रों में वर्षों से मौजूद नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है. इसके अलावा नदी जोड़ो अभियान और सड़क कनेक्टिविटी को भी उन्होंने अपने पसंदीदा कार्यों में शामिल बताया.
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सवाल: क्या बेहतर सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर अब निवेश में भी बदल रहा है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब केवल सड़क और कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश और औद्योगीकरण के नए दौर में प्रवेश कर चुका है. राज्य सरकार ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की, जिसके जरिए छोटे शहरों और संभागीय मुख्यालयों तक निवेशकों को पहुंचाया गया. उन्होंने दावा किया कि आज मध्य प्रदेश देश के सबसे तेजी से औद्योगिक विकास करने वाले राज्यों में शामिल है.
सवाल: रोजगार के क्षेत्र में सरकार क्या उपलब्धि मानती है?
जवाब: सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र, कृषि और उद्योगों में भी रोजगार के अवसर बढ़ाए गए हैं. उनका दावा है कि बेरोजगारी दर के मामले में मध्य प्रदेश देश के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है. निवेश और उद्योग विस्तार का सीधा फायदा युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है.
सवाल: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के पीछे सरकार की क्या सोच है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल लोक की सफलता के बाद राज्य सरकार ने कृष्ण पाथेय, ओंकारेश्वर, चित्रकूट, ओरछा और सलकनपुर जैसे धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है. उनका मानना है कि धार्मिक पर्यटन केवल आस्था का विषय नहीं बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास का भी बड़ा माध्यम है. उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसमें धार्मिक पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है.
सवाल: कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य को लेकर सरकार की क्या रणनीति है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि मध्य प्रदेश की पहचान है और सरकार प्राकृतिक खेती, बहुफसली खेती, सिंचाई विस्तार, दुग्ध उत्पादन और बागवानी को बढ़ावा देने पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि सिंचित क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं. साथ ही कपास आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि किसानों को बेहतर लाभ मिल सके.
सवाल: आदिवासी समाज के विकास के लिए सरकार क्या कर रही है?
जवाब: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार, पर्यटन और कृषि आधारित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है. पीएम मित्रा पार्क जैसी परियोजनाओं से लाखों किसानों और युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा ग्रामीण पर्यटन, होम स्टे और वन्यजीव संरक्षण के माध्यम से भी आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं.
सवाल: प्रशासनिक व्यवस्था में सख्ती की चर्चा होती है, क्या यह जरूरी है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अधिकारी अच्छा काम करते हैं उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जरूरी है. उनका मानना है कि सुशासन के लिए जवाबदेही और अनुशासन दोनों आवश्यक हैं.
सवाल: भोजशाला और सांस्कृतिक विरासत को लेकर सरकार की क्या सोच है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से ऐसे कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों पर सकारात्मक माहौल बना है. उन्होंने भोजशाला, राजा भोज की विरासत और वाग्देवी प्रतिमा की वापसी जैसे विषयों पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही विक्रमादित्य काल की गौरवशाली परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए शोध संस्थानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी जिक्र किया.
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सवाल: विरासत और आधुनिक विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति क्या है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘विरासत से विकास’ का मंत्र ही उनकी सरकार की कार्यशैली का आधार है. इसी सोच के तहत सांदीपनि विद्यालय, विज्ञान केंद्र, रिसर्च संस्थान और आधुनिक औद्योगिक परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं. उनका मानना है कि भारत की प्राचीन परंपराओं और आधुनिक विज्ञान का समन्वय ही भविष्य का रास्ता है.
सवाल: स्वास्थ्य सेवाओं में एयर एंबुलेंस और गो-एंबुलेंस जैसी योजनाओं का क्या असर दिख रहा है?
जवाब: सीएम मोहन यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस सेवा ने गंभीर मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर दूर-दराज के इलाकों में. वहीं गो-एंबुलेंस के माध्यम से घायल और बीमार पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया.
सवाल: भूस्वामित्व योजना को आप कितना महत्वपूर्ण मानते हैं?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य की सबसे क्रांतिकारी योजनाओं में से एक है. इसके जरिए हजारों परिवारों को उनकी जमीन का कानूनी स्वामित्व मिल रहा है. इससे लोगों को बैंक ऋण लेने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा.
सवाल: योग और आध्यात्मिक आयोजनों में मध्य प्रदेश की भूमिका क्या होगी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक शक्ति है और मध्य प्रदेश इस विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले योग कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को और मजबूत करेंगे.
सवाल: दो बच्चों की शर्त हटाने के फैसले के पीछे क्या सोच थी?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ नीतियों में बदलाव जरूरी होता है. कई देशों में घटती जनसंख्या से पैदा हुई समस्याओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाज को इस विषय में स्वयं निर्णय लेने का अवसर दिया जाना चाहिए. इसी सोच के तहत राज्य सरकार ने दो बच्चों की शर्त समाप्त करने का निर्णय लिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के विकास, निवेश, कृषि, पर्यटन, रोजगार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक विरासत जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर न्यूज 24 के समक्ष खुलकर अपनी बात रखी. News 24 मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के न्यूज एडिटर अभिलाष मिश्रा से बातचीत के दौरान सीएम मोहन यादव ने बताया कि किस तरह केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से मध्य प्रदेश तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है. उन्होंने राज्य में चल रही बड़ी परियोजनाओं, निवेश आकर्षित करने की रणनीति और भविष्य के विजन पर भी खुलकर चर्चा की.
सवाल: प्रधानमंत्री मोदी के 12 सालों में मध्य प्रदेश को सबसे बड़ी उपलब्धियां क्या मिलीं?
जवाब: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश को कई ऐतिहासिक परियोजनाओं का लाभ मिला है. बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए नदी जोड़ो अभियान, पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना, किसानों के लिए एमएसपी व्यवस्था, आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने राज्य की तस्वीर बदलने का काम किया है. उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों की संख्या के मामले में मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है.
सवाल: आपकी सरकार का ऐसा कौन सा काम है जिस पर आपको सबसे ज्यादा गर्व है?
जवाब: इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना उनकी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. उन्होंने बताया कि बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जैसे क्षेत्रों में वर्षों से मौजूद नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है. इसके अलावा नदी जोड़ो अभियान और सड़क कनेक्टिविटी को भी उन्होंने अपने पसंदीदा कार्यों में शामिल बताया.
यह भी पढ़ें: Monsoon Late Reason: क्यों लेट हुआ मानसून, कब तक होगा एक्टिव? दिल्ली UP में बारिश कब?
सवाल: क्या बेहतर सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर अब निवेश में भी बदल रहा है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब केवल सड़क और कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश और औद्योगीकरण के नए दौर में प्रवेश कर चुका है. राज्य सरकार ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की, जिसके जरिए छोटे शहरों और संभागीय मुख्यालयों तक निवेशकों को पहुंचाया गया. उन्होंने दावा किया कि आज मध्य प्रदेश देश के सबसे तेजी से औद्योगिक विकास करने वाले राज्यों में शामिल है.
सवाल: रोजगार के क्षेत्र में सरकार क्या उपलब्धि मानती है?
जवाब: सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र, कृषि और उद्योगों में भी रोजगार के अवसर बढ़ाए गए हैं. उनका दावा है कि बेरोजगारी दर के मामले में मध्य प्रदेश देश के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है. निवेश और उद्योग विस्तार का सीधा फायदा युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है.
सवाल: धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के पीछे सरकार की क्या सोच है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल लोक की सफलता के बाद राज्य सरकार ने कृष्ण पाथेय, ओंकारेश्वर, चित्रकूट, ओरछा और सलकनपुर जैसे धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है. उनका मानना है कि धार्मिक पर्यटन केवल आस्था का विषय नहीं बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास का भी बड़ा माध्यम है. उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसमें धार्मिक पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है.
सवाल: कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य को लेकर सरकार की क्या रणनीति है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि मध्य प्रदेश की पहचान है और सरकार प्राकृतिक खेती, बहुफसली खेती, सिंचाई विस्तार, दुग्ध उत्पादन और बागवानी को बढ़ावा देने पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि सिंचित क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं. साथ ही कपास आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि किसानों को बेहतर लाभ मिल सके.
सवाल: आदिवासी समाज के विकास के लिए सरकार क्या कर रही है?
जवाब: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार, पर्यटन और कृषि आधारित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है. पीएम मित्रा पार्क जैसी परियोजनाओं से लाखों किसानों और युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा ग्रामीण पर्यटन, होम स्टे और वन्यजीव संरक्षण के माध्यम से भी आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं.
सवाल: प्रशासनिक व्यवस्था में सख्ती की चर्चा होती है, क्या यह जरूरी है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अधिकारी अच्छा काम करते हैं उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जरूरी है. उनका मानना है कि सुशासन के लिए जवाबदेही और अनुशासन दोनों आवश्यक हैं.
सवाल: भोजशाला और सांस्कृतिक विरासत को लेकर सरकार की क्या सोच है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से ऐसे कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों पर सकारात्मक माहौल बना है. उन्होंने भोजशाला, राजा भोज की विरासत और वाग्देवी प्रतिमा की वापसी जैसे विषयों पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही विक्रमादित्य काल की गौरवशाली परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए शोध संस्थानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी जिक्र किया.
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सवाल: विरासत और आधुनिक विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति क्या है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘विरासत से विकास’ का मंत्र ही उनकी सरकार की कार्यशैली का आधार है. इसी सोच के तहत सांदीपनि विद्यालय, विज्ञान केंद्र, रिसर्च संस्थान और आधुनिक औद्योगिक परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं. उनका मानना है कि भारत की प्राचीन परंपराओं और आधुनिक विज्ञान का समन्वय ही भविष्य का रास्ता है.
सवाल: स्वास्थ्य सेवाओं में एयर एंबुलेंस और गो-एंबुलेंस जैसी योजनाओं का क्या असर दिख रहा है?
जवाब: सीएम मोहन यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस सेवा ने गंभीर मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर दूर-दराज के इलाकों में. वहीं गो-एंबुलेंस के माध्यम से घायल और बीमार पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया.
सवाल: भूस्वामित्व योजना को आप कितना महत्वपूर्ण मानते हैं?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य की सबसे क्रांतिकारी योजनाओं में से एक है. इसके जरिए हजारों परिवारों को उनकी जमीन का कानूनी स्वामित्व मिल रहा है. इससे लोगों को बैंक ऋण लेने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा.
सवाल: योग और आध्यात्मिक आयोजनों में मध्य प्रदेश की भूमिका क्या होगी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक शक्ति है और मध्य प्रदेश इस विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले योग कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को और मजबूत करेंगे.
सवाल: दो बच्चों की शर्त हटाने के फैसले के पीछे क्या सोच थी?
जवाब: मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ नीतियों में बदलाव जरूरी होता है. कई देशों में घटती जनसंख्या से पैदा हुई समस्याओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाज को इस विषय में स्वयं निर्णय लेने का अवसर दिया जाना चाहिए. इसी सोच के तहत राज्य सरकार ने दो बच्चों की शर्त समाप्त करने का निर्णय लिया.