Bhopal Farmers Protest: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की 100% खरीदी की मांग को लेकर 19 किसान संगठनों का आंदोलन हिंसक और उग्र रूप ले चुका है. आज हजारों किसान पुलिस बैरिकेड्स ध्वस्त करते हुए और बसों पर चढ़कर वीर सावरकर सेतु पार कर मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ गए. स्थिति तनावपूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान आया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है, जो संवाद से रास्ता निकालेगी.
क्यों भड़का किसानों का गुस्सा? समझिए असली वजह
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन और विदिशा समेत 20 से अधिक जिलों के किसान भोपाल की सड़कों पर डटे हुए हैं. किसानों का मुख्य विरोध सरकार द्वारा तय की गई खरीद सीमा और ई-टोकन (E-Token) व्यवस्था को लेकर है. किसान प्रति एकड़ 3,000 से 4,000 रुपए प्रति क्विंटल के नुकसान का दावा कर रहे हैं. इसी घाटे की भरपाई और 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर यह ‘किसान मार्च’ राजधानी के मुख्य प्रशासनिक इलाकों तक पहुंच गया.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आधिकारिक बयान
सड़कों पर मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आधिकारिक बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार किसानों के साथ सदैव खड़ी है. हम सकारात्मक सुझावों के साथ समस्या का समाधान हमेशा संवाद से निकालते हैं. जनता को किसी प्रकार का कष्ट न हो, इसकी चिंता दोनों पक्षों को करनी चाहिए. हमारी सरकार ने एक विशेष कमेटी गठित की है, जिसमें कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, कृष्णा गौर, विश्वास सारंग और राकेश सिंह शामिल हैं जो किसान भाइयों से सतत चर्चा कर रहे हैं.”
इससे पहले राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने किसान प्रतिनिधियों से बातचीत की और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का आग्रह किया है. फिलहाल सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और शहर के कई रूटों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है.