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कौन है नक्सली मिसिर बेसरा? सिर पर करोड़ों का इनाम, 150 से ज्यादा अपराधिक मामले; हुआ गिरफ्तार

मिसिर बेसरा के आतंक का इसी बात से अंजादा लगाया जा सकता है कि उसके ऊपर झारखंड सरकार ने उस पर 1 करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.

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नक्सलवाद को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं, जिनका परिणाम में अब दिखने लगा है. देश के कई इलाके नक्सलवाद मुक्त हो चुके हैं या होने की राह पर हैं. इसी क्रम में झारखंड के सारंडा क्षेत्र में 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर जुर्म की राह छोड़ सामान्य जीवन में वापस लौटे. वहीं, दूसरी ओर नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को मंगलवार को 2.20 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को गिरफ्तार किया.

कौन है नक्सली मिसिर बेसरा?


देश के कई राज्यों में मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पोलित ब्यूरो का आखिरी सदस्य था. उसे उसके दो सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया. सुरक्षा एजेंसियां इस गिरफ्तारी को माओवादी संगठन के खिलाफ सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक मान रही हैं, क्योंकि बेसरा लंबे समय से संगठन के टॉप लीडर्स में से एक था. मिसिर बेसरा पर देश के अलग-अलग राज्यों में करीब 150 से अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं.

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कई महीनों से थी मिसिर बेसरा की तलाश

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिसिर बेसरा को धनबाद और गिरिडीह जिले की सीमा पर स्थित मनियाडीह इलाके से पकड़ा गया. उसके साथ मेहनत उर्फ मोछू और गौरव नामक दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया. गिरिडीह जिले के पीरटांड़ का रहने वाला मिसिर बेसरा करीब चार दशक पहले छात्र जीवन के दौरान महाजनी आंदोलन से जुड़ा और बाद में माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य बन गया. धीरे-धीरे उसने संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बनाई और टॉप तक पहुंच गया. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी पिछले कई महीनों से मिसिर बेसरा की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी.

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मिसिर बेसरा पर करोड़ों का इनाम


मिसिर बेसरा का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा रहा है. उसके खिलाफ झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 150 से अधिक मामले दर्ज हैं. NIA भी उसे दो मामलों में तलाश रही थी. मिसिर बेसरा के आतंक का इसी बात से अंजादा लगाया जा सकता है कि उसके ऊपर झारखंड सरकार ने उस पर 1 करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. इससे पहले वह सितंबर 2007 में खूंटी से गिरफ्तार हुआ था, लेकिन 2009 में बिहार के लखीसराय कोर्ट पर माओवादी हमले के दौरान फरार हो गया था.

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First published on: Jul 29, 2026 07:50 AM

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Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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