---विज्ञापन---

झारखंड angle-right

22 एग्जाम रद्द होने से नौकरी जाने का डर! झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ HC पहुंचे सफल कैंडिडेट

Jharkhand News: झारखंड सरकार ने आंदोलनकारियों की मांग मानते हुए जेपीएससी एग्जाम को कैंसिल कर दिया था, लेकिन अब इस परीक्षा के कामयाब कैंडिडेट्स को नौकरी जाने का डर सताने लगा है. इसलिए उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

---विज्ञापन---

Successful JPSC Candidates Move High Court: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहा 26 दिन का विरोध प्रदर्शन बुधवार 19 अंगस्त 2026 को तब रोक दिया गया, जब प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार को अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए 2 महीने का वक्त दिया. वहीं, जिन उम्मीदवारों को परीक्षा रद्द होने की वजह से नौकरी खोने का डर है, वो झारखंड हाई कोर्ट पहुंच गए हैं.

सरकार ने 22 परीक्षाएं रद्द कीं

प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद, हेमंत सोरेन सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का ऐलान किया और 2014 से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और एक आउटसोर्स एजेंसी की तरफ से आयोजित 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए.

---विज्ञापन---

ये फैसला आंदोलन के दौरान की गई कई मांगों के बाद लिया गया. 3 आंदोलनकारियों ने 19 अगस्त को अपनी 15 दिन की भूख हड़ताल खत्म की, जबकि 3 अन्य ने हफ्ते की शुरुआत में ही अपना उपवास वापस ले लिया था. JPSC-JSSC सुधार मंच ने कहा कि अगर सरकार 2 महीने की डेडलाइन के भीतर कार्रवाई नहीं करती है, तो वो आंदोलन फिर से शुरू करेंगे और उसे तेज करेंगे.

कामयाब कैंडिडेट को नौकरी जाने का डर

परीक्षा रद्द करने के फैसले से तकरीबन 2,000 कामयाब कैंडिडेट्स का एक अलग विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है, जिनमें JSSC कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा के जरिए चुने गए उम्मीदवार भी शामिल हैं. कई सफल अभ्यर्थी हाई कोर्ट पहुंचे हैं और उनका तर्क है कि उन्होंने मेरिट के आधार पर परीक्षाएं पास की हैं और दूसरों की कथित गलतियों के लिए उन्हें सजा नहीं मिलनी चाहिए. कुछ ने कहा कि वो पहले ही वित्त, गृह, परिवहन और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे विभागों में नौकरी शुरू कर चुके हैं. उनका कहना है कि वो जांच का समर्थन करते हैं लेकिन पूरा एग्जाम कैंसिल करने का विरोध करते हैं.

---विज्ञापन---

जांच और भर्ती में सुधार

सरकार ने भर्ती में गड़बड़ियों से जुड़े मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग करने का प्रस्ताव रखा है और JPSC तथा JSSC के भीतर विजलेंस लगाने का प्लान बनाया है. सीनियर IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली एक कमेटी को भी 2 महीने के भीतर सुधारों की सिफारिश करने का काम सौंपा गया है.

इस बीच, झारखंड CID की जांच आगे बढ़ी है और परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले से जुड़ी गिरफ्तारियां हुई हैं. इस पर राजनीतिक राय बंटी हुई हैं; कांग्रेस ने परीक्षाओं को कैंसिल करने का समर्थन किया है, जबकि BJP नेता बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच के लिए सहमत न होने पर सरकार की आलोचना की है.

---विज्ञापन---

First published on: Aug 19, 2026 10:55 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola