who is Rikshit Chauhan Palampur: अटलांटिक महासागर में अमेरिकी नौसेना द्वारा जब्त रूसी ऑयल टैंकर ‘मैरिनेरा’ पर सवार भारतीय नौसेना के कैडेट रिक्षित चौहान का 7 जनवरी के बाद से परिवार से कोई संपर्क नहीं हुआ है. रिक्षित की माता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में रहने वाले पिता रणजीत सिंह ने बताया कि उन्हें 10 जनवरी को पता चला कि बेटे के जहाज को अमेरिकी सेना ने अपने नियंत्रण में ले लिया है. परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है कि युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच उनके बेटे और अन्य भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जाए. जहाज पर कुल 28 सदस्य में 3 भारतीय शामिल हैं.
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रिक्षित चौहान के घर पर पिछले चार दिन से मातम
नगर निगम वार्ड-7, सिद्धपुर के रहने वाले रिक्षित चौहान के घर पर पिछले चार दिनों से मातम जैसा माहौल है. रिक्षित मर्चेंट नेवी में बतौर कैडेट काम कर रहा था और पहली अगस्त को ही तीसरी बार ड्यूटी पर गया था. 7 जनवरी को शाम 5 बजे रिक्षित की पिता से आखिरी बार बात हुई थी. रिक्षित ने बताया था कि वेनेजुएला संकट और युद्ध के हालात के कारण कंपनी ने उन्हें वापस लौटने को कहा है, लेकिन उसके बाद से उसका फोन बंद है.
रिक्षित के अलावा एक केरल और एक गोवा से
पिता रणजीत सिंह ने बताया कि उन्हें 10 जनवरी को पता चला कि बेटे के जहाज को कब्जे में ले लिया गया है. बेटे को मर्चेंट नेवी में भेजने वाले ने उसके अपहरण की पुष्टि की है. उन्होंने सरकार से बेटे को सुरक्षित घर पहुंचने की गुहार की है. अमेरिका की ओर से रूसी जहाज कब्जे में लेने के समय इसमें कुल 28 सदस्य हैं. इनमें 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक थे. हिमाचल के रिक्षित के अलावा एक केरल और एक गोवा से है.
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