Balraj Singh
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Karan Sangwan UN Academy, हिसार: पिछले कई दिन से एक मामला खासा चर्चा में है, UN Academy का। एक छोटी सी, मगर अच्छी रारय देने पर इस एकेडमी के एक टीचर की नौकरी खा ली गई। अब वह न सिर्फ भाजपा समर्थकों के निशाने पर हैं, बल्कि दूसरी राजनैतिक पार्टियों के नेताओं ने उनकी रक्षा के लिए जुबानी तलवारें निकाल ली हैं। ऐसे में हर कोई यह जानने के लिए लालायित है कि आखिर यह करण सांगवान हैं कौन और इन्होंने ऐसा क्या कह दिया, जो विवादित है…
नौकरी गंवाकर सुर्खियों में आए UN Academy से निकाले जा चुके कानूनविद करण सांगवान हरियाणा के हिसार जिले से ताल्लुक रखते हैं। करण ने हिसार के छोटूराम लॉ कॉलेज से विधि में स्नातक (LLB) की डिग्री की और उसके बाद हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से क्रिमिनल लॉ में LLM किया है। जिस कॉलेज में पढ़े-वीं कानून पढ़ाने का लगभग सात साल का टीचिंग एक्पीरियंस रखते करण का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब (Youtube) पर लीगल पाठशाला के नाम से एक चैनल है। इस चैनल के 45 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
बरसों से ज्यूडिशयरी एंट्रेंस एग्जाम की भी तैयारी करवा रहे करण सांगवान ने 2020 में UN Academy ज्वायन की। अब बीते कई दिन से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके चलते करण विवाद का केंद्र बन गए। हुआ कुछ यूं कि करण सांगवान UN Academy के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रोज की तरह क्लास ले रहे थे। इस दौरान सांगवान ने कहा, ‘याद रखें कि जब भी आप अगली बार वोट करने जाएं तो एक पढ़े-लिखे व्यक्ति को ही चुनें। उसे चुनें, जो आपकी चीजों को समझता हो। ऐसे इंसान को न चुनें , जिनको सिर्फ नाम बदलना आता हो। अपना फैसला ठीक से लें’।
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक वर्ग विशेष करण की इस बात के लिए Unacedmy का विरोध करने लग गया। दवाब बढ़ता देख आनन-फानन में UN Academy ने करण सांगवान को निकाल दिया। जहां तक विवाद की वजह की बात है, बता दें कि पिछले दिनों मोदी सरकार ने संसद में आईपीसी- सीआरपीसी और भारतीय एविडेंस एक्ट के कानूनों में बदलाव किए गए हैं। करण सांगवान ने बीते दिनों अपनी ऑनलाइन क्लास में क्रिमिनल लॉ के नोट्स की तैयारी कराते हुए इन कानूनों के बारे में तर्कहीन कहा था।
कुछ सोशल मीडिया यूजर का कहना है कि करन सांगवान बच्चों को पढ़ाई कराने के नाम पर बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक एजेंडा चला रहे हैं। आरोप है कि अन एकेडमी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एंटी मोदी एजेंडा फैला कर मोदी सरकार की छवि को बदनाम करना चाहती है।
इस मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ पर प्रतिक्रिया देते हुए UN Academy के सह-संस्थापक रोमन सैनी ने लिखा है’ ‘करण सांगवान ने कंपनी की पॉलिसी के खिलाफ जा रहे थे, इसलिए कंपनी को उनसे अलग होना पड़ा। हम अपनी एकेडमी में जो कुछ भी करते हैं उसके केंद्र में हमारे स्टूडेंट होते हैं। क्लास बच्चों या टीचर के लिए अपनी व्यक्तिगत राय और विचार सांझा करने की जगह नहीं है, क्योंकि वह उन्हें गलत तरीके से प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल इस मामले को देखते हुए हमें करण सांगवान से अलग होने के लिए मजबूर होना पड़ा’।
दूसरी ओर इस पूरे प्रकरण को लेकर करण ने 19 अगस्त को अपने सोशल मीडियो प्लेटफॉर्म पर पूरी जानकारी के साथ पोस्ट करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वायरल हो रहे एक वीडियो के कारण मैं विवाद में हूं और इस विवाद के कारण मेरे कई स्टूडेंट्स को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उनके साथ-साथ मुझे भी परिणाम भुगतना होगा।
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