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हरियाणा कैबिनेट मीटिंग में 32 प्रस्ताव पास, शहीद के बच्चों को ग्रेजुएशन तक मिलेगी स्कॉलरशिप

हरियाण सीएम नायब सिंह सैनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा ''मंत्रिमंडल की बैठक में हमारी सरकार ने ये जो अपने संकल्प पत्र में भी कहा था। जो युद्ध में शहीद हुए हैं। ऐसे शहीद होने वाले सैनिक तथा अर्द्धसैनिक बलों के बच्चों को कक्षा 6 से 12वीं तक 60 हजार रुपये में स्कॉलरशिप देंगे।

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Haryana News: हरियाण सरकार की कैबिनेट मीटिंग में गुरुवार को 32 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इस बीच शहीद हुए सैनिकों के बच्चों के लिए विशेष कल्याणकारी योजना लाई गई है। दरअसल हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार राज्य के शहीद हुए बच्चों को ग्रेजुएशन तक स्कॉलरशिप देगी। कैबिनेट की इस बैठक में सरकार ने प्रदेश के लोगों के हित में कई फैसले लिए हैं।

हरियाण सीएम का दावा, हमने संकल्प पत्र का वादा किया पूरा

हरियाण सीएम नायब सिंह सैनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा ”मंत्रिमंडल की बैठक में हमारी सरकार ने ये जो अपने संकल्प पत्र में भी कहा था। जो युद्ध में शहीद हुए हैं। ऐसे शहीद होने वाले सैनिक तथा अर्द्धसैनिक बलों के बच्चों को कक्षा 6 से 12वीं तक 60 हजार रुपये में स्कॉलरशिप देंगे। स्नातक को 72 हजार रुपये और स्नाकोत्तर को 96 हजार रुपये स्कॉलरशिप प्रदान करने का हमने अपने संकल्प पत्र में जिक्र किया था। हमने कहा था हम इसको पूरा करेंगे। मुझे खुशी है हमने ये वादा पूरा कर दिया है। आज मंत्रिमंडल ने स्कॉलरशिप योजना को स्वीकृति प्रदान की है।”

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पहले शहीद के बच्चों को इतनी स्कॉलरशिप

उन्होंने आगे कहा ” पहले ये स्कॉलरशिव सेना के शहीद बच्चों को मिलती थी। साल 2006-7 में पूर्व सैनिकों के बच्चों को टक्निकल और व्यवासायिक शिक्षा के लिए प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना आरंभ की गई थी। जिसमें लड़कों को 2000 रुपये और लड़कियों को 2250 रुपये प्रतिमाह स्कॉलरशिप मिलती थी, जब ये लागू की गई थी। इस स्कॉलरशिप को 2019-20 में बढ़ाकर 2500 रुपये और 300 रुपये प्रति माह कर दिया गया था।”

कर्मचारी की मृत्यू पर परिजनों को सरकार देगी सहारा

सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा ”हरियाणा सिविल सेवा में नियम 2016 संशोधन को मंजूरी दी गई। जिन कर्मचारियों की मृत्यू पर एक बड़ी राहत इसमें मिलेगी। मृतक कर्मचारियों के परिवार को 2 साल की आवास सुविधा सुनिश्चित की गई है। क्योंकि जो कर्मचारी सर्विस में होता था। उसके पास सरकारी आवास होता था अगर दुर्घटना हो जाती थी तो परिवार को दिक्कत आ जाती थी। तो उसको दो साल के लिए सुनिश्चित किया है।”

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पहले एक साल था नियम

उन्होंने आगे कहा ”सेवा के दौरान किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यू होने पर मृतक परिवार को आवास भत्ता अब दो साल के लिए मिलेगा, जो पहले एक साल मिलता था। इसके अलावा परिवार लाइसेंस शुल्क का भुगतान करके दो वर्ष के लिए सरकारी आवास को रख सकता था, जो ये पहले एक साल के लिए रख सकता था।”

First published on: Jun 27, 2025 12:07 AM

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