Haryana Assembly Elections: हरियाणा के गठन को 58 साल हो चुके हैं। अब तक 14 बार आम चुनाव हो चुके हैं। लेकिन सिर्फ 6 ही महिलाएं आज तक संसद की चौखट तक पहुंच सकी हैं। महिलाओं की बराबरी की बात तो खूब होती है, लेकिन टिकट देते समय उनकी अनदेखी की जाती है। 2019 के आम चुनाव में 11 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया गया था। सिरसा से बीजेपी के टिकट पर जीत सिर्फ सुनीता दुग्गल को मिली। 2014 में 32 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया गया था। किसी को जीत नहीं मिली। 2009 में अंबाला से कुमारी सैलजा और भिवानी से श्रुति चौधरी ने जीत हासिल की थी। अगर बात करें तो महिलाओं के सामने चौधरी बंसीलाल, कुलदीप शर्मा, राव इंद्रजीत और अजय चौटाला जैसे नेता भी हार चुके हैं।
चंद्रावती ने बंसीलाल जैसे नेता को हराया
चरखी दादरी की रहने वाली चंद्रावती 1977 में पहली महिला सांसद बनी थीं। जिन्होंने पूर्व सीएम बंसीलाल को भिवानी से हराया था। डीयू से वकालत कर चुकीं चंद्रावती 6 बार MLA बनी थीं, 1 बार MP। 1990 में वे 11 महीने पुडुचेरी की उप राज्यपाल रहीं। 92 साल की आयु में उनका 2020 में कोविड की वजह से निधन हो गया था।
यह भी पढ़ें:…जब ताऊ देवीलाल ने गवर्नर को जड़ दिया था थप्पड़, सन्न रह गए थे लोग
कुमारी सैलजा की पहचान दलित नेता के तौर पर होती है। उनके पिता दलबीर सिंह सिरसा से 4 बार सांसद रहे। सैलजा 1991 और 1996 में सिरसा से MP बनीं। 2004 और 2009 में अंबाला से चुनाव जीतीं। 2024 में वे फिर सिरसा से चुनी गई हैं। पीयू से पासआउट सैलजा 1990 में राजनीति में आई थीं। वे 3 बार केंद्र में मंत्री रह चुकी हैं। 34 साल के सियासी सफर में केंद्र की राजनीति में अधिक सक्रिय रही हैं।
कैलाशो सैनी को 2 बार हासिल हुई जीत
वहीं, कैलाशो सैनी 2 बार कुरुक्षेत्र से MP रही हैं। 1998 और 1999 में इनेलो के टिकट पर यहां से जीतीं। वे मूल रूप से कुरुक्षेत्र के गांव प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं। बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गई थीं। लाडवा से दो बार विधायक बनने के लिए इलेक्शन लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली।
वहीं, सुनीता दुग्गल 2019 में सिरसा से 3 लाख से अधिक वोटों से जीतीं। उन्होंने कांग्रेस नेता अशोक तंवर को हराया। वे पहले IRS अफसर थीं। जिन्होंने चुनाव लड़ने के लिए VRS लिया था। वे रतिया से विधानसभा चुनाव हार चुकी हैं। उनके पति राजेश दुग्गल IPS अफसर हैं। उनके भाई सुमित कुमार HCS अधिकारी हैं।
बंसीलाल की विरासत को आगे बढ़ा रहीं श्रुति
वहीं, श्रुति चौधरी हरियाणा के पूर्व सीएम बंसीलाल की पोती हैं। जो 2009 में भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद बनीं। उनकी मां किरण चौधरी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रही हैं। जो अब BJP में शामिल हो चुकी हैं। पति सुरेंद्र सिंह की मौत के बाद वे राजनीति में आईं। इसके बाद 2014, 2019 में श्रुति ने फिर चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नसीब नहीं हुई।
सुधा यादव 1999 में गुरुग्राम से भाजपा के टिकट पर जीती थीं। उन्होंने दिग्गज नेता राव इंद्रजीत को हराया था। सुधा यादव के पति सुखबीर यादव BSF के डिप्टी कमांडेंट थे। जो कारगिल में शहीद हुए। सुधा यादव को राजनीति में लाने वाले पीएम मोदी ही हैं। उनके कहने पर ही सुधा ने पहला चुनाव 1999 में लड़ा। 2022 में सुधा को भाजपा संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया था। बोर्ड में वे एकमात्र महिला हैं।
यह भी पढ़ें:इन 5 परिवारों का रहा हरियाणा की सियासत में दबदबा, पोते-पोतियों ने संभाली दादा की विरासत
यह भी पढ़ें:दो सीएम, चार बार उपचुनाव; जानिए 5 साल में कितनी बदली हरियाणा की राजनीति?
संबंधित खबरें
तेज आंधी, गर्जना के साथ बारिश... आधी रात दिल्ली-NCR में अचानक बदला मौसम
3 hrs agoध्रुव राठी CJP प्रदर्शन से पहले पुलिस हिरासत में, घर से किए गए डिटेन
2 days agoVIDEO : कांग्रेस के प्रदर्शन में महिला नेताओं ने एक दूसरे को जड़े थप्पड़
2 days agoHaryana Open School 10वीं परीक्षा 2026: देखें डेटशीट और एडमिट कार्ड
5 days agoदोस्त के साथ थी 13 साल की नाबालिग, चार लोगों ने पकड़कर किया गैंगरेप
8 days agoदिल्ली में जुटेगी हरियाणा BJP की पूरी फौज, PM मोदी ने MLAs को दिए 2 घंटे
9 days ago11 अक्टूबर से लागू होगा नया प्रॉपर्टी टैक्स, जानें क्या होंगे बदलाव
10 days agoगुरुग्राम में MCG की मशीन में 'ऑटोमैटिक' क्या है? लोगों ने उठाए सवाल
12 days agoगैंगस्टर ढिल्ला को शादी के लिए मिली पैरोल, गर्लफ्रेंड के साथ लेगा 7 फेरे
17 days agoहरियाणा में आवारा गोवंश के लिए 4 गौ वन, 70 हजार गायों को आश्रय
19 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines