कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने उनके गुरुग्राम स्थित घर से ही हिरासत में लिया गया है. ध्रुव राठी जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे. हाल ही बेंगलुरु में हुए सीजेपी के प्रोटेस्ट में भी वह शामिल हुए थे.
ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित घर से हिरासत में लिया है. पुलिस की टीम ध्रुव राठी के घर में सुबह करीब 7.48 बजे घुसी थी. पुलिस की टीम जब उनके गेट पर पहुंची तो ध्रुव राठी की मां ने गेट खोला था. रातभर उनके घर के बाहर करीब 50 पुलिसकर्मी तैनात थे.
राठी की हिरासत पर कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘तानाशाह उन युवाओं से बुरी तरह डरा हुआ है जो उसकी गलत हरकतों पर सवाल उठाते हैं और चुप रहने से इनकार करते हैं!’
वहीं, दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके दिल्ली के लिए मुंबई से रवाना हो चुके हैं. दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘तानाशाह’ बताते हुए निशाना साधा था.
दिल्ली-NCR में कड़ी सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के साथ ही उससे सटे गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दिल्ली में प्रवेश करने वाले हर रूट पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. दिल्ली आने वाले हर वाहन की सुरक्षाबल गहन जांच कर रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ रूट्स को बंद किया गया है तो वहीं, कई रास्ते डायवर्ट करने का फैसला किया है.
CJP की प्रदर्शनकारियों से अपील
कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन के मद्देनजर प्रदर्शनकारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें सभी से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की गई है. एडवाइजरी में कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश ना करें और एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड समेत आपातकालीन सेवाओं का रास्ता बाधित न करें.
साथ ही CJP ने प्रदर्शनकारियों को हथियार या खतरनाक वस्तुएं नहीं लाने, भड़काऊ भाषण और अफवाहों से बचने तथा सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करने की सलाह दी है. संगठन ने किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधि से दूर रहने और तनाव की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील भी की है. पुलिस के साथ बातचीत के दौरान शांत रहने, कानूनी निर्देशों का पालन करने और हिरासत में लिए जाने पर हिरासत का कारण पूछकर कानूनी सहायता लेने की बात कही गई है.
इसके साथ ही CJP का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक गतिविधियों की ओर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. संगठन ने संवैधानिक अधिकारों के साथ जिम्मेदार नागरिक व्यवहार बनाए रखने पर जोर दिया है.