Gujarat Local Body Election Results 2026: भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की सभी 15 नगर निगम सीटों में जीत दर्ज करते हुए क्लीन स्वीप कर लिया है. गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अभेद्य किले को और मजबूत कर दिया है. राज्य की कुल 15 महानगरपालिकाओं की 1044 सीटों में से बीजेपी ने अकेले 937 सीटों पर जीत दर्ज की है. सबसे बड़ा उलटफेर अहमदाबाद में देखने को मिला, जहां बीजेपी ने 192 में से 160 सीटें जीतकर अपनी धाक जमाई. चौंकाने वाली बात यह रही कि पिछली बार 7 सीटें जीतने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) इस बार अहमदाबाद में अपना खाता तक नहीं खोल सकी.
राजकोट और जिला पंचायतों का हाल
राजकोट नगर निगम की 72 सीटों में से बीजेपी ने 65 पर कब्जा किया, जबकि कांग्रेस महज 7 सीटों पर सिमट गई. आम आदमी पार्टी (AAP) यहां भी शून्य पर रही. राजकोट जिला पंचायत की 36 सीटों में से 34 पर बीजेपी ने जीत हासिल की है. कुल 1090 जिला पंचायत सीटों में से अब तक घोषित 1077 नतीजों में बीजेपी 882 सीटों के साथ सबसे आगे है. मोरबी और पोरबंदर में तो बीजेपी ने क्लीन स्वीप करते हुए विपक्षी दलों का पूरी तरह सफाया कर दिया.
नगरपालिका और तालुका में भी दबदबा
नगरपालिकाओं की 2624 सीटों में से बीजेपी ने 1976 पर जीत हासिल की है. वहीं, तालुका पंचायत की 5234 सीटों में से अब तक घोषित 4591 नतीजों में से 3224 सीटें बीजेपी की झोली में गई हैं. गोंडल में बीजेपी ने सभी 44 सीटों पर कब्जा कर एकतरफा जीत दर्ज की. धोराजी, जेतपुर, गोंडल, कोटड़ा सांगाणी, लोढिका, पडधरी, जसदण, विंछिया और जामकंडोरना समेत ज्यादातर पंचायतों में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की. उपलेटा में मुकाबला बेहद कांटे का रहा और नतीजा टाई पर खत्म हुआ. कुल मिलाकर बीजेपी ने 11 में से 10 तालुका पंचायतों में जीत हासिल की. सबसे बड़ी जीत गोंडल सिविक बॉडी में देखने को मिली, जहां बीजेपी ने सभी 44 सीटों पर कब्जा कर लिया. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी यहां एक भी सीट नहीं जीत सकीं. पूरे राजकोट जिले में बीजेपी ने 202 में से 155 सीटें जीतकर अपनी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया.
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की करारी हार
इन चुनाव नतीजों ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. अधिकांश जगहों पर इन दलों को 50 प्रतिशत से भी कम वोट शेयर मिला. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के ये नतीजे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक बड़ा संकेत हैं, जो बताते हैं कि गुजरात की जनता का भरोसा अभी भी बीजेपी और उसकी संगठनात्मक क्षमता पर कायम है.










