Gujarat Big Contribution To India GDP: गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार लगातार राज्य के विकास के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। इसी के साथ राज्य ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गुजरात देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 8.3 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। इस बात की जानकारी उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने दी है। उन्होंने ये जानकारी विधानसभा में राज्यपाल आचार्य देवव्रतजी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए दी। उद्योग मंत्री ने कहा कि गुजरात ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी मामलों में अग्रणी रहकर विश्व मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। एक ओर जहां राज्य औद्योगिक विकास में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
अविरल की विकास यात्रा
उद्योग मंत्री ने सदन में कहा कि गुजरात की अविरल विकास यात्रा 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप शुरू हुई। जिसे सरल, दृढ़ एवं निर्णायक मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की सरकार तीव्र गति से आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर चलते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, अवस्थापना सुविधाओं, औद्योगिक, नीतिगत, सामाजिक के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे सभी क्षेत्रों में ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कार्यों के माध्यम से जनहित के अनेक कार्य कर रही है।
विकास का एक नया अध्याय शुरू
2003 से 2013 तक गुजरात में विकास का एक नया अध्याय शुरू हुआ। उनके विशाल सामाजिक अनुभव, प्रशासनिक कौशल, संसाधनों का समुचित उपयोग करने की क्षमता और देशभक्ति की भावना के कारण विकास के अवसर गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंच पाए हैं।
वाइब्रेंट गुजरात योजना के बारे में बात करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में विकास के विशाल अवसरों ने दुनिया भर के निवेशकों, उद्योगपतियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का ध्यान गुजरात की ओर आकर्षित किया है। गुजरात के विकास के लिए योजनाओं के साथ-साथ नीतिगत सुधारों, बुनियादी सुविधाओं और प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग से वांछित लक्ष्य हासिल किए गए हैं।
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विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण
पिछले डेढ़ दशक से भारत को विकसित और समृद्ध देश बनाने के लिए काम चल रहा है। गुजरात से शुरू हुई विकास यात्रा को भारत के प्रत्येक राज्य और नागरिक तक ले जाया गया है, जिससे ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जन-धन योजना, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन, मुद्रा, उजाला, उज्ज्वला योजना, स्मार्ट सिटी मिशन, स्टार्ट-अप इंडिया जैसी अनेक जन-कल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरूप नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आया है तथा आम आदमी की स्थिति में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं।
विकसित और आत्मनिर्भर भारत
मंत्री ने कहा कि युवाओं को आधुनिक समय में प्रयुक्त प्रौद्योगिकी पर पाठ्यक्रमों से सुसज्जित किया जा रहा है। गुजरात ने कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना करके एक नई पहल की है, जिससे लोग जीविकोपार्जन के साथ-साथ उच्च कौशल के माध्यम से अधिक आय अर्जित कर सकें। यह विश्वविद्यालय एआई, ड्रोन, मानव संसाधन, प्रबंधन, वित्त, कंप्यूटिंग, स्वास्थ्य सेवा, कृषि विज्ञान, विनिर्माण और बुनियादी ढांचे जैसे पाठ्यक्रमों में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम प्रदान करता है।