Swati Pandey
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Some Suggestions For Mobile Addiction:हमारे आसपास मोबाइल का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। पर क्या हो जब बच्चों को इसकी लत लग जाए। उनकी आंखें हर समय फोन की स्क्रीन पर चिपकी रहती हैं, जो उनके लिए ठीक नहीं है। ऐसे में बच्चों में मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी ने पटपड़गंज प्रोजेक्ट की आंगनबाड़ी की कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के साथ चर्चा कर सुझाव लिए। और इस बारें में एक दूसरें के साथ अपने विचार सांझा किये। साथ ही आंगनबाड़ी को बेहतर बनाने और कार्यशैली को लेकर भी चर्चा की। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की मोबाइल की लत छुड़ाने के अलावा पढ़ाई में एकाग्रता भी डीटीसी बढ़ाएंगे। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बेहतर भूमिका निभाएंगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री आतिशी ने बताया कि इनके सुझाव से आंगनबाड़ी को शानदार बनाने में मदद मिलेगी। गर्भवतियों को जागरूक करना हो या बच्चों को बेहतर पोषण और अच्छी शिक्षा देनी हो। आंगनबाड़ी इस दिशा में शानदार काम कर रही हैं। अब मोबाइल की लत को दूर करने की दिशा में भी अच्छा काम किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए कि कैसे कई यदि पांच ऐसे बच्चे जो मोबाइल की लत में थे, जब वे आंगनबाड़ी केंद्र आए तो रहे, तो इनमें चिड़चिड़ापन था। बेहतर ट्रेनिंग के बाद चिड़चिड़ापन कार्यकत छोड़कर सामान्य बच्चों की तरह है। इनके खेलना सीख गए।
अतिशी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र की मदद से यदि पांच साल की उम्र तक बच्चों को बेहतर लर्निंग देने में कामयाब रहे, तो इनकी बुनियाद मजबूत होगी। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हैं। इनके लिए सुविधाएं बढाने में कोई कमी नहीं आएगी।
बच्चों को पार्क में बाहर खेलने के लिए प्रेरित करना चाहिए, जिससे बच्चों का ध्यान बटेगा। खेलने से बच्चे की हेल्थ भी अच्छी होगी। छोटे बच्चों को फिजिकल एक्टिविटीज जैसे स्विमिंग, पार्क में खेलने के लिए मोटिवेट करें। साथ ही घर में बच्चे को मनोरंजन के लिए टीवी, किताबें पढ़ना और स्पीकर पर गाने सुनने की आदत बनानी चाहिए। यदि आप बच्चे को मनोरंजन के लिए मोबाइल देंगे तो हर समय वह टाइमपास के लिए फोन में ही लगा रहेगा। अगर अपने बच्चे को मोबाइल की लत से दूर रखना है तो आपको भी ऐसा ही करना पड़ेगा।
अपने बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखने के लिए आपको भी अच्छा उदाहरण बनना पड़ेगा। मोबाइल, टैबलेट या टीवी का प्रयोग किसी भी सूरत में देर रात तक बेडरूम में नहीं करना चाहिए। बच्चों के मोबाइल फोन रात में अपने साथ अपने कमरे में ही रखें,अगर बच्चों को पढ़ाई के लिए इंटरनेट की जरूरत है, तो उन्हें मोबाइल की जगह कंप्यूटर या लैपटॉप मुहैया कराएं। इससे बच्चों की सेहत पर मोबाइल की तुलना में बहुत कम नुकसान होगा। कंप्यूटर या लैपटॉप में सिक्योरिटी कोड के साथ एंटी-वायरस डाल सकते हैं। लैपटॉप और कंप्यूटर पर आप बच्चों की एक्टिविटी की पर भी नजर रख पाएंगे।
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