दिल्ली सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘लाडली योजना’ को अब नए और अधिक लाभकारी स्वरूप में पेश किया है, जिसे ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का नाम दिया गया है. इस योजना का मकसद बेटियों की शिक्षा को बिना किसी आर्थिक रुकावट के जारी रखना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और CM रेखा गुप्ता की उपस्थिति में योजना की औपचारिक शुरुआत होगी, इसके तहत 40,000 से अधिक बेटियों के खाते में 100 करोड़ रुपये की राशि भेजी जाएगी.
क्या है दिल्ली लखपति बिटिया योजना?
दिल्ली लखपति बिटिया योजना दिल्ली सरकार की एक महत्वाकांक्षी स्कीम है जो बेटी के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता देती है. विभिन्न चरणों में 56,000 रुपये सरकार द्वारा बेटी के नाम पर जमा किए जाते हैं. 21 वर्ष की आयु तक ब्याज सहित यह राशि 1 लाख रुपये से अधिक हो जाती है. यह पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है. राशि आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होती है.
लाडली योजना से कैसे अलग है नई योजना?
पुरानी लाडली योजना में बच्ची के जन्म पर सरकार 10,000-11,000 रुपये जमा करती थी. कक्षा 1, 6, 9 में प्रवेश, 10वीं पास, 12वीं में दाखिला पर 5,000 रुपये की किस्तें मिलती थीं. कुल राशि ब्याज सहित 18 वर्ष की आयु में निकाली जा सकती थी, वहीं नई लखपति बिटिया योजना में कुल जमा राशि बढ़ाकर 56,000 रुपये कर दी गई है. मैच्योरिटी आयु बढ़ाकर 21 वर्ष की गई है. पहले 1.75 लाख बेटियां लाभ से वंचित थीं, अब सरकार ने खोज अभियान चलाकर उन्हें भी शामिल किया.
योजना का लाभ उठाने के लिए जरूरी शर्तें
परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए.
परिवार पिछले तीन वर्षों से दिल्ली में रह रहा हो, बेटी का जन्म दिल्ली में होना अनिवार्य है.
एक परिवार की अधिकतम दो जीवित बेटियां ही लाभ ले सकती हैं.
जअगर 18 वर्ष से पहले शादी हो जाती है, तो योजना का लाभ नहीं मिलेगा.










