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देश में ट्रैफिक नियम बनाने वाले अफसर का भी 3 बार कटा चालान

Union Road Transport Secretary Challan : देश में ट्रैफिक नियम बनाने वाले अफसर का भी चालान कट जा रहा है। सिस्टम यह नहीं पहचानता है कि गाड़ी में कौन है?

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Union Road Transport Secretary Car Challan : देश की सड़कों पर लगी ट्रैफिक स्पीड चेक करने वाली मशीनें यह नहीं पहचानती हैं कि गाड़ी का मालिक कौन है या गाड़ी में कौन बैठा है? अगर कोई भी गाड़ी ओवर स्पीड हुई तो उसका चालान कट जाता है। भले ही वो ट्रैफिक नियम बनाने वाले अफसर ही क्यों ना हो। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें केंद्रीय सड़क परिवहन के सचिव की गाड़ी का तीन बार चालान कट गया है। हालांकि, उनका कहना है कि उन्हें स्पीड लिमिट का साइन बोर्ड नहीं दिखा था।

देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन की गाड़ी सिर्फ थोड़ी सी ओवर स्पीड हुई थी, जिसके लिए उन्हें तीन बार जुर्माना भरना पड़ा। इसे लेकर अनुराग जैन का कहना है कि साइड बोर्ड के आगे पेड़ या बिजली पोल होने की वजह से कई बार गाड़ियों का चालान कट जाता है। ऐसे ही मेरे साथ हुआ था। गाड़ी ड्राइव करते समय उन्हें सड़क पर स्पीड लिमिट साइड बोर्ड दिखाई नहीं दिया था, जिसकी वजह से सिस्टम ने तीन बार ऑनलाइन जुर्माना लगा दिया।

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ट्रांसपोर्ट सचिव ने पुलिस के सामने भी उठाया मुद्दा

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इस मामले को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन सचिव ने ट्रैफिक पुलिस के सामने भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि जहां साइन बोर्ड लगा था, उसके सामने एक पेड़ था। ऐसे में उन्हें यह पता नहीं चल सका कि गाड़ी की स्पीड कितनी रखनी है और उनका चालान कट गया। इस साइन बोर्ड को कोई व्यक्ति तभी देख सकता है, जब वह उसके काफी करीब हो। ये साइड बोर्ड दूर से दिखाई नहीं देता है।

पहले भी कई सचिव उठा चुके हैं ऐसे मुद्दे

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आपको बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है, जब किसी बड़े अधिकारी ने गलत स्थानों पर लगे साइड बोर्ड का मामला उठाया है। इससे पहले भी सड़क परिवहन एवं परिवहन मंत्रालय के पूर्व सचिव वाईएस मलिक ने दिल्ली-चंडीगढ़ हाइवे पर लगे दिशा सूचक बोर्ड का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि यह बोर्ड काफी छोटा है, जिससे लोग इसे नहीं देख पाते हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों के लिए काफी हद तक गलत साइन बोर्ड और सिग्नल जिम्मेदार हैं।

First published on: Jan 06, 2024 01:58 PM

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