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दिल्ली

धरा रह गया एनिवर्सरी केक, खुशियों के बीच पसरा मातम; दिल्ली के गड्ढे ने छीनी घर के चिराग की जिंदगी

दिल्ली में माता-पिता की एनिवर्सरी मनाने घर लौट रहे 25 साल के कमल की खुले सीवर में गिरकर मौत हो गई. प्रशासन की लापरवाही ने एक हसंते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं.

Author Written By: Raja Alam Updated: Feb 7, 2026 16:40

दिल्ली के रहने वाले 25 साल के कमल ध्यानी के घर में उत्सव का माहौल था. माता-पिता की शादी की सालगिरह मनाने के लिए डाइनिंग टेबल पर केक रखा हुआ था और कमल ने अगले दिन के लिए छुट्टी भी ली थी. गुरुवार रात करीब 11:53 बजे कमल ने अपने भाई को फोन कर कहा था कि वह बस 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा. घर वाले बेसब्री से उसके आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वह 10 मिनट कभी खत्म नहीं हुए. आधी रात बीत जाने के बाद भी जब कमल घर नहीं पहुंचा, तो परिवार की खुशियां गहरे डर में बदल गईं.

अपनों की तलाश और सिस्टम की बेरुखी

जब कमल का फोन मिलना बंद हो गया, तो उसके परेशान माता-पिता और दोस्त उसे ढूंढने सड़कों पर निकल पड़े. उन्होंने ऑफिस से लेकर अस्पतालों और कई थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला. परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में यह कहकर शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया कि अभी गायब हुए 24 घंटे नहीं हुए हैं. पूरी रात भटकने के बाद भी परिवार को कोई मदद नहीं मिली और उन्हें सुबह आने को कह दिया गया. एक होनहार बेटा जो बैंक में असिस्टेंट मैनेजर था, उसके साथ हुई अनहोनी से अनजान परिवार पूरी रात सड़कों पर खाक छानता रहा.

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एक लापरवाही ने ली मासूम की जान

अगली सुबह वह खबर आई जिसने सबको झकझोर कर रख दिया. कमल और उसकी मोटरसाइकिल जनकपुरी इलाके में एक गहरे गड्ढे में पड़े मिले. यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड ने सीवर के काम के लिए खोदा था. स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड था और न ही कोई बैरिकेडिंग की गई थी. अंधेरे में गड्ढा नजर नहीं आया और कमल अपनी बाइक समेत उसमें गिर गया. दोस्त बताते हैं कि कमल खाने का शौकीन और जिंदादिल इंसान था, लेकिन प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही ने उसकी जान ले ली और परिवार का सहारा छीन लिया.

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कार्रवाई का भरोसा और इंसाफ की गुहार

हादसे के बाद प्रशासन जागा और आनन-फानन में गड्ढे को जाली से ढककर बैरिकेड लगा दिए गए. इस मामले में तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है और काम करने वाली कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. कमल के दोस्त और परिवार वाले अब सीसीटीवी फुटेज की मांग कर रहे हैं ताकि लापरवाही की पूरी सच्चाई सामने आ सके. दुखी परिवार का कहना है कि उन्हें राजनीति नहीं बल्कि अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए. सिस्टम की सुस्ती और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने एक हसंते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है.

First published on: Feb 07, 2026 04:40 PM

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