Rahul Gandhi Disqualification: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर पलटवार किया। पवन खेड़ा ने पीएम मोदी को सिंधिया से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जिसको हमने खुदा माना, वह खुद मिट्टी का निकला। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें खुदा माना और कांग्रेस ने कद्दावर बनाया, वे 'महाराज' अब कोस रहे हैं। वो हमारे नहीं हुए तो भला पीएम मोदी के क्या होंगे?
पवन खेड़ा ने बाबा भगत और एक डाकू की कहानी भी सुनाई। इसके जरिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य पर निशाना साधा। पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता को अयोग्य ठहराए जाने के बाद कांग्रेस जो लड़ाई लड़ रही है, वह पूरी तरह से लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।
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मैंने सिंधिया से ही ज्यामितिय गणित सीखा
पवन खेड़ा ने कहा कि संविधान में महराज नाम की कोई व्यवस्था नहीं है। लेकिन सिंधियाजी खुद को महराज कहलाना पसंद करते हैं। महराज न कहो तो नाराज हो जाते हैं। मैंने उनसे ही ज्यामितिय गणित सीखी है। किस एंगल पर कितना झुकना है, उनसे ही सीखा है। वे किस एंगल पर झुकने पर खुश होते हैं, उनसे ही सीखा है।
सिंधिया ने क्या कहा था?
दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल गांधी के सूरत कोर्ट में अपील करने पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने अपनी व्यक्तिगत लड़ाई को लोकतंत्र की लड़ाई बना लिया है। वह राजनीतिक रुप से खुद को प्रासंगिक रखने के लिए जो संभव हो, वो कर रहे हैं। इसकी जितनी आलोचना की जाए, वह कम है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा था कि कांग्रेस पार्टी दुर्भाग्य से नए निचले स्तर पर गिर गई है। शहर-शहर ट्रेनें रोकी गईं, आमजन को परेशान किया गया। क्या यही गांधीवाद का सिद्धांत है। एक व्यक्ति विशेष के लिए ऐसा क्यों किया जा रहा है? जमानत के लिए जब गए तो नेताओं की पूरी फौज ले गए। यह अदालत पर दबाव बनाने का प्रयास नहीं है तो क्या है?
यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा बदलाव तय, इस युवा सांसद को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
Rahul Gandhi Disqualification: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर पलटवार किया। पवन खेड़ा ने पीएम मोदी को सिंधिया से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जिसको हमने खुदा माना, वह खुद मिट्टी का निकला। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें खुदा माना और कांग्रेस ने कद्दावर बनाया, वे ‘महाराज’ अब कोस रहे हैं। वो हमारे नहीं हुए तो भला पीएम मोदी के क्या होंगे?
पवन खेड़ा ने बाबा भगत और एक डाकू की कहानी भी सुनाई। इसके जरिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य पर निशाना साधा। पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता को अयोग्य ठहराए जाने के बाद कांग्रेस जो लड़ाई लड़ रही है, वह पूरी तरह से लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।
मैंने सिंधिया से ही ज्यामितिय गणित सीखा
पवन खेड़ा ने कहा कि संविधान में महराज नाम की कोई व्यवस्था नहीं है। लेकिन सिंधियाजी खुद को महराज कहलाना पसंद करते हैं। महराज न कहो तो नाराज हो जाते हैं। मैंने उनसे ही ज्यामितिय गणित सीखी है। किस एंगल पर कितना झुकना है, उनसे ही सीखा है। वे किस एंगल पर झुकने पर खुश होते हैं, उनसे ही सीखा है।
सिंधिया ने क्या कहा था?
दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल गांधी के सूरत कोर्ट में अपील करने पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने अपनी व्यक्तिगत लड़ाई को लोकतंत्र की लड़ाई बना लिया है। वह राजनीतिक रुप से खुद को प्रासंगिक रखने के लिए जो संभव हो, वो कर रहे हैं। इसकी जितनी आलोचना की जाए, वह कम है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा था कि कांग्रेस पार्टी दुर्भाग्य से नए निचले स्तर पर गिर गई है। शहर-शहर ट्रेनें रोकी गईं, आमजन को परेशान किया गया। क्या यही गांधीवाद का सिद्धांत है। एक व्यक्ति विशेष के लिए ऐसा क्यों किया जा रहा है? जमानत के लिए जब गए तो नेताओं की पूरी फौज ले गए। यह अदालत पर दबाव बनाने का प्रयास नहीं है तो क्या है?
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