आरक्षण के खिलाफ दिल्ली से लखनऊ तक प्रदर्शन, कनॉट प्लेस में जुटी भीड़; पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया
आरक्षण के मुद्दे पर दिल्ली से उत्तर प्रदेश तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. दिल्ली के कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया. वहीं लखनऊ में सवर्ण मोर्चा ने UGC नियमों और आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया.
Edited By : Versha Singh|Updated: Aug 24, 2026 07:07
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आरक्षण के खिलाफ दिल्ली से लखनऊ तक प्रदर्शन, कनॉट प्लेस में जुटी भीड़ (फोटो- ANI)
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आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैलता दिख रहा है. रविवार को राजधानी दिल्ली और लखनऊ में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा आरक्षण नीति के साथ-साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी रेगुलेशन 2026 और रोस्टर सिस्टम में बदलाव की मांग उठाई. दिल्ली में देर रात पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.
दिल्ली में आरक्षण व्यवस्था, ‘यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026’ और रोस्टर प्रणाली में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी राजधानी पहुंचे. पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाकर बाद में छोड़ दिया. स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई. वहीं, रविवार को जंतर-मंतर पहुंच रहे युवाओं को भी पुलिस ने वहां जुटने से रोक दिया.
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दिल्ली पुलिस ने अनुमति से किया इनकार
दिल्ली पुलिस ने पहले ही साफ कर दिया था कि शाह ऑडिटोरियम और कनॉट प्लेस समेत राजधानी के किसी भी सार्वजनिक स्थल पर विरोध प्रदर्शन के लिए मंजूरी नहीं दी गई है. पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति किसी तरह का जमावड़ा नहीं लगाने की अपील भी की थी.
सोशल मीडिया पर अभियान के बाद जुटे प्रदर्शनकारी
कनॉट प्लेस में रविवार को बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के पीछे कई दिनों से चल रही सोशल मीडिया मुहिम को अहम वजह माना जा रहा है. इंस्टाग्राम के आरएचए पेज, जिसके करीब 5.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं और उससे जुड़े लोगों ने ही अन्य लोगों को दिल्ली पहुंचने के लिए लगातार ऑनलाइन अपील की थी. इसके तहत ‘चलो दिल्ली’ और ‘सीपी मार्च’ जैसे अभियान चलाए गए, जिनके जरिए प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को लामबंद किया गया.
आरक्षण, UGC के नियमों और एससी-एसटी एक्ट समेत कई मुद्दों को लेकर सवर्ण मोर्चा ने रविवार को लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया. गोमतीनगर स्थित 1090 चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने करीब आधे घंटे तक नारेबाजी की. इसके बाद वे बैकुंठ धाम श्मशान घाट की ओर रवाना हुए, जहां सवर्ण सांसदों और विधायकों की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई. प्रदर्शन के दौरान हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां नजर आईं. वहीं, प्रदर्शनकारियों ने UGC के नियमों को वापस लेने की मांग की और नारे भी लगाए.
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आर्थिक आरक्षण की मांग को लेकर असहमति- मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग को लेकर असहमति जताई है. उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर भी निशाना साधा. मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण के विरोध में जुटे लोगों की ओर से आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन ऐसी मांग को सही नहीं ठहराया जा सकता.’
1. दिल्ली के जंतर मंतर पर संविधान में एस.सी., एस.टी. व ओ.बी.सी. समाज को दिये गये आरक्षण के विरुद्ध अभी हाल ही में जमा हुये कुछ लोगों द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू करने की उठाई गई यह नई माँग कतई भी उचित व देशहित में नहीं है। उन्हें आरक्षण के सम्बंध में ऐसा कोई कार्य नहीं…
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को आरक्षण को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी. चित्रकूट में महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती के कार्यक्रम में पहुंचे राजभर ने कहा कि आरक्षण को समाप्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मुद्दे पर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रहे हैं. राजभर ने कहा, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समाज के सबसे वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से आरक्षण की व्यवस्था की थी.