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दिल्ली

ट्रांसपोर्टर्स का NHAI के खिलाफ हल्लाबोल, टोल टैक्स बढ़ोतरी को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

एनएचएआई द्वारा देशभर के राजमार्गों पर बढ़े टोल टैक्स में बढ़ोतरी से परेशान ट्रांसपोर्टर्स ने NHAI के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। उनके मुताबिक, पहले से ही ज्यादा टोल वसूला जा रहा है और अब इसमें और बढ़ोतरी की जा रही है।

Author Edited By : Deepti Sharma Updated: Apr 4, 2025 15:11
toll tax protest news
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एनएचएआई ने देशभर के राजमार्गों पर टोल टैक्स में बढ़ोतरी की है। इस फैसले की ट्रांसपोर्टरों ने आलोचना की है और इसे वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले से ही अधिक टोल वसूला जा रहा है और अब इसमें और बढ़ोतरी की जा रही है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इससे परिचालन लागत बढ़ेगी और महंगाई बढ़ेगी।

4 से 5 फीसदी का हुआ इजाफा

दरअसल, लोगों में एनएचएआई द्वारा टोल टैक्स में औसतन चार से पांच प्रतिशत का इजाफा करने को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। जिसके बाद ट्रांसपोर्टर इसे आर्थिक बोझ बता रहे हैं। इसको लेकर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सभरवाल का कहना है कि “राष्ट्रीय राजमार्गों की अधिकतर टोल पहले से ही अधिक वसूली कर चुकी हैं। उनके अनुसार, तय नियम के अनुसार तो टोल टैक्स में 60 प्रतिशत की कटौती की जानी चाहिए थी, जिसमें बढ़ोतरी की जा रही है।”

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लापरवाही से वसूला जा रहा पूरा टोल टैक्स

हरीश सभरवाल का मानना है कि “ज्यादातर सड़कें 10 साल की अवधि पार कर चुकी हैं। जबकि निर्माण, रखरखाव और ट्रांसफर बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर तय अधिकतम वसूली लक्ष्य को आठ वर्ष में ही पूरी कर चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से ये अभी भी पूरा टोल टैक्स वसूल रही हैं।”

परिचालन की लागत में भी हुआ इजाफा

एनएचएआई को अब केवल 40 फीसदी ही सड़कों के रखरखाव के लिए टोल टैक्स लेना चाहिए था। हरीश सभरवाल ने बताया कि गुजरात हाई कोर्ट में इससे संबंधित उनके संगठन का एक मामला चल रहा है। आल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर का कहना है कि “भारी भरकम टोल वसूली आम जनता और परिवहन क्षेत्र के लिए एक अंतहीन आर्थिक बोझ बन गई है।”

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आगे उन्होंने कहा कि “सड़क निर्माण के लिए टोल वसूली अस्थाई प्रथा होनी चाहिए थी, लेकिन यह एक स्थायी शोषण प्रणाली के तौर पर विकसित हो गई है। लगातार बढ़ते टोल टैक्स से परिचालन लागत बढ़ती है, जिससे महंगाई में बढ़ोतरी होती है, जबकि सड़कों की हालत भी बहुत खराब है।

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Edited By

Deepti Sharma

First published on: Apr 04, 2025 03:10 PM

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