Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दिल्ली

दिल्ली में होगा यमुना-गंगा का संगम? प्रदूषण के खिलाफ सरकार का बड़ा एक्शन, हरियाणा-UP को दिया अल्टीमेटम

यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है. अब गंगा और मुनक नहर का पानी यमुना में डायवर्ट किया जाएगा और गंदे नालों की निगरानी होगी.

Author
Written By: Raja Alam Updated: Jan 27, 2026 00:05

यमुना नदी को जहरीले कचरे और झाग से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है. जल शक्ति मंत्रालय ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को सख्त अल्टीमेटम देते हुए मुनक और गंगा नहर का पानी यमुना में डायवर्ट करने का निर्देश दिया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य नदी के प्राकृतिक बहाव को बढ़ाना है ताकि जमी हुई गंदगी और गाद खुद-ब-खुद साफ हो सके. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब यमुना की सफाई के मामले में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

गंगा नहर से मिलेगा ताजा पानी

नदी में जान फूंकने के लिए उत्तर प्रदेश की अपर गंगा कैनाल से लगभग 800 क्यूसेक पानी सीधे वजीराबाद बैराज में छोड़ा जाएगा. इसके साथ ही हरियाणा की मुनक नहर से भी 100 क्यूसेक पानी डायवर्ट करने का फैसला लिया गया है. हथिनीकुंड बैराज से पानी की एक विशेष ‘तीसरी धारा’ बनाने की तैयारी है ताकि नदी में पानी का स्तर साल भर बना रहे. विशेषज्ञों का मानना है कि जब नदी में ताज़ा पानी का बहाव बढ़ेगा तो ऑक्सीजन का स्तर सुधरेगा और जलीय जीवन को भी नया जीवनदान मिलेगा.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार की बड़ी पहल, 3 साल में सभी बसें होंगी इलेक्ट्रिक, CM रेखा गुप्ता ने किया ऐलान

गंदे नालों का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट

यमुना में गिरने वाले गंदे नालों और फैक्ट्रियों के कचरे की अब बारीकी से निगरानी की जाएगी. इसके लिए सरकार एक प्राइवेट एजेंसी को हायर करने जा रही है जो दिल्ली, यूपी और हरियाणा के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) का औचक निरीक्षण करेगी. यह एजेंसी जांच करेगी कि नालों से निकलने वाला पानी तय मानकों पर खरा उतर रहा है या नहीं. दिल्ली सरकार ने भी अपने सीवरेज सिस्टम को सुधारने के लिए मास्टर प्लान लागू किया है जिसके तहत पानी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सभी पुराने प्लांट्स को अपग्रेड किया जा रहा है.

---विज्ञापन---

हरियाणा पर सख्ती और 2026 की सीमा

हरियाणा से आने वाले औद्योगिक प्रदूषण और गंदे नालों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने 2026 की डेडलाइन तय की है. हरियाणा सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने यहां ज्यादा से ज्यादा ट्रीटमेंट प्लांट्स लगाए ताकि फैक्ट्रियों का जहरीला पानी सीधे नदी में न जा सके. पड़ोसी राज्यों के बीच पानी के बंटवारे और सफाई की जिम्मेदारी को लेकर अब केंद्र सरकार खुद मॉनिटरिंग करेगी. इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का लक्ष्य 2026 तक यमुना को फिर से निर्मल बनाना है ताकि देश की इस ऐतिहासिक नदी का अस्तित्व सुरक्षित रह सके.

First published on: Jan 27, 2026 12:05 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.