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दिल्ली

एक जोड़ी चप्पल और वो टूटी दीवार… मासूम के ‘गुनाहगार’ तक कैसे पहुंची पुलिस? चौंका देगी दास्तां

Delhi Police Mystery Solve: दिल्ली के प्रसाद नगर इलाके में 10 साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी करने वाले ई-रिक्शा चालक को पुलिस ने कैसे दबोचा? जानें एक जोड़ी छोड़ी हुई चप्पल और टूटी दीवार के उस सुराग की कहानी, जिसने तीन दिन के अंदर कैसे दिल्ली पुलिस को आरोपी के यूपी के फर्रुखाबाद स्थित घर तक पहुंचाया.

Author Edited By : Vijay Jain
Updated: Jan 24, 2026 11:32
delhi prasad nagar minor girl
Photo Credit: AI Gemini

Delhi Police Prasad Nagar Mystery Solve: दिल्ली के प्रसाद नगर इलाके में 10 साल की एक मासूम बच्ची के साथ हुए रेप केस को तीन दिन में सुलझाने में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग एक जोड़ी छोड़ी हुई चप्पलों और जंगल वाली पहाड़ी में टूटी पत्थर की दीवार में बने एक छोटे गैप से मिले. आरोप है कि 11 जनवरी को एक ई-रिक्शा चालक ने बच्ची को अगवा कर रेप किया और फिर उसे सुनसान जंगल में बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गया. जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी के ई-रिक्शा में न तो कोई नाम था और न ही रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाई दे रहा था, इसलिए वे पूरी तरह से सफेद छत वाले लाल रंग के ई-रिक्शा की पहचान पर निर्भर थे. कड़ी दर कड़ी जोड़ पुलिस आरोपी तक पहुंच गई.

जानें 3 दिन में दिल्ली पुलिस ने कैसे सुलझाया केस?

जांच की शुरुआत 11 जनवरी को तब हुई जब ट्रैफिक सिग्नल पर फूल बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाली यह बच्ची चोटिल हालत में अस्पताल पहुंचाई गई. बच्ची ने पुलिस को बताया कि ई-रिक्शा ड्राइवर ने उसे चाय पिलाने के बहाने फुसलाया और फिर जंगल में ले गया. होश खोने के बावजूद बच्ची को कुछ बातें याद रहीं, जैसे ‘नीला कमरा’ और ‘टूटा हुआ एंट्री पॉइंट’, जिन्होंने पुलिस को पहला महत्वपूर्ण सुराग दिया. डीसीपी (सेंट्रल) अनंत मित्तल ने इस केस को तेजी से सुलझाने के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित कीं. टीमों ने करीब 20 वर्ग किलोमीटर के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले.

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प्रोफेसर राम नाथ विज मार्ग के आसपास मिले सुराग

जांच में जुटी पुलिस को ब्रेकथ्रू तब मिला जब प्रोफेसर राम नाथ विज मार्ग के आसपास के सीसीटीवी फुटेज में कुछ ऐसा मिला जो बच्ची के बताए विवरण से मेल खाता था. रिज के सुनसान इलाके में पहुंचकर अधिकारियों को टूटी पत्थर की दीवार मिली, जिसमें एक छोटा गैप था जो एक छोटे स्ट्रक्चर की ओर जा रहा था. बच्ची की बरामद चप्पलों ने क्राइम सीन की पुष्टि की. फोरेंसिक टीम ने रात 11 बजे से 1 बजे के बीच आरोपी द्वारा अपनाए गए रास्ते को रीक्रिएट किया. एक फुटेज में सफेद छत वाला लाल ई-रिक्शा बच्ची को ले जाता दिखा. इसके आधार पर तीसरी टीम ने करोल बाग और राजेंद्र प्लेस इलाकों के ई-रिक्शा स्टैंड्स की तलाशी ली.

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फर्रुखाबाद निवासी दुर्गेश के रूप में हुई आरोपी की पहचान

संदिग्ध ड्राइवरों की तस्वीरें टीमों में सर्कुलेट की गईं. आखिरकार राजेंद्र प्लेस में एक पेट्रोल पंप के पास ई-रिक्शा मिला. पुलिस ने पीड़िता के बताए हुलिए से मिलते-जुलते व्यक्ति को गाड़ी के पास आते देखा. आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया गया. आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद निवासी 25 वर्षीय दुर्गेश के रूप में हुई. उसने पुलिस को खून से सने कपड़े बरामद करने में मदद की. पुलिस ने ई-रिक्शा की पिछली सीट पर खून के निशान और अन्य सबूत भी बरामद किए. यह मामला पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया है.

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First published on: Jan 24, 2026 11:32 AM

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