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दिल्ली में शराब खरीदने वालों के लिए अहम खबर, नई पॉलिसी के तहत बेचने के बदल जाएंगे नियम

Delhi new liquor policy 2023: दिल्ली में शराब की बोतलों को रेगुलेट करने और ट्रैक करने को लेकर नई योजना लाई जाएगी। जिसके तहत वर्तमान उत्पाद शुल्क आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली की एक कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रणाली को 2012-13 सेशन के लिए बनाया गया था, जिसके तहत शराब की बिक्री को […]

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Delhi new liquor policy 2023: दिल्ली में शराब की बोतलों को रेगुलेट करने और ट्रैक करने को लेकर नई योजना लाई जाएगी। जिसके तहत वर्तमान उत्पाद शुल्क आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली की एक कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रणाली को 2012-13 सेशन के लिए बनाया गया था, जिसके तहत शराब की बिक्री को स्वचालित और कंट्रोल किया जाता है। बड़े सुधार की कवायद अब दिल्ली उत्पाद शुल्क विभाग के आपूर्ति ढांचे में करने की तैयारी की गई है। इसके तहत ही अब राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की ई-आबगरी प्रणाली को लागू करने की कवायद शुरू की गई है।

यानी अब इससे ही सेल, ऑर्डर और परमिट आदि को ट्रैक किया जाएगा। उत्पाद शुल्क विभाग की कोशिश रहती है कि शराब को व्यापार को कैसे ट्रैक किया जाए। लेकिन इसकी कोशिश व्यापार को बढ़ावा देने की नहीं होती है। इसके जरिए ही कराधान और राजस्व को लेकर जानकारी जुटाई जाती है। वहीं, डिस्टिलरी से लेकर गोदाम और दुकान में जाने वाली हर एक बोतल का हिसाब किताब भी ईएससीआईएमएस से लगाया जाता है।

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दूसरे राज्यों में लागू ई-आबगारी नीति का होगा अध्ययन

ईएससीआईएमएस को काफी ट्रांसपेरेंट माना जाता है। जिसका काम सरकारी योजनाओं को तरीके से लागू करने के लिए आउटसोर्स किया गया है। दिल्ली अपने यहां प्रणाली लागू करने से पहले दूसरे राज्यों में लागू ई-आबगारी की डिटेल जुटाएगी। इसमें जरूरत के हिसाब से संशोधन किया जाएगा। सूत्रों के हवाले से इस प्रणाली को काफी कारगर बताया जा रहा है।

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अफसरों के अनुसार इस प्रणाली को 10 राज्य फॉलो कर रहे हैं। दिल्ली में ये प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में है। फिलहाल इसको सही से लागू और कार्यान्वित करने के लिए 30 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। वहीं, इसमें और सुधार करने के लिए 29 फरवरी 2024 तक चार लोगों की कमेटी बनाई गई है। जिसको लेकर बैठक शुक्रवार को बुलाई गई है।

6 माह तक पुरानी व्यवस्था ही रहेगी

वहीं, सिस्टम के तय होने तक छह माह तक पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। यानी एक फरवरी 2024 तक पुरानी शर्तों पर ही टीसीएस के साथ तय समझौता लागू रहेगा। पैनल वित्त मंत्री को सप्ताह के हिसाब से प्रोग्रेस रिपोर्ट देगा। नई प्रणाली को लेकर भारतीय अल्कोहल पेय कंपनियों के परिसंघ के महानिदेशक विनोद गिरि का बयान भी आया है। जिन्होंने कहा है कि वे व्यापार में सुधार को लेकर शुरू से ही पक्षधर रहे हैं। अभी तकनीकी तौर पर गड़बड़ी न हो, इसको लेकर भी स्टडी की जाएगी।

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First published on: Sep 28, 2023 10:21 AM
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