Delhi-Mumbai Expressway: भारत की पहली ‘टाइगर टनल’ शुरू, जंगल के नीचे 8 लेन सुरंग से दौड़ेगा ट्रैफिक
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देश की पहली 'टाइगर टनल' शुरू हो गई है. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के नीचे बनी यह 4.9 किमी लंबी 8-लेन सुरंग पर्यावरण और विकास का बेजोड़ नमूना है, जिससे वन्यजीव भी सुरक्षित रहेंगे और ट्रैफिक भी रफ्तार पकड़ेगा. आइए जानते हैं इस हैरान कर देने वाले टनल के बारे में.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jun 20, 2026 18:33
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jun 20, 2026 18:33
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टाइगर टनल. (Image: AI/Pexels)
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भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देश की पहली ऐसी सुरंग तैयार की गई है, जो किसी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के नीचे से गुजरती है. यह खास सुरंग राजस्थान के कोटा के पास मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बनाई गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस परियोजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ऊपर जंगल और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियां प्रभावित न हों और नीचे से ट्रैफिक आसानी से गुजर सके. यही वजह है कि इसे सिर्फ सड़क परियोजना नहीं, बल्कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है. इस सुरंग के शुरू होने से एक्सप्रेसवे की उपयोगिता और भी बढ़ जाएगी और यात्रियों को लंबी दूरी तय करने में बड़ी राहत मिलेगी.
यह सुरंग दिल्ली-वडोदरा सेक्शन पर बनाई गई है और इसकी लंबाई करीब 4.9 किलोमीटर है. इसे भारत की पहली ऐसी 8 लेन टनल माना जा रहा है, जो घने जंगल और टाइगर रिजर्व के नीचे से निकलेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परियोजना को पूरा करना आसान नहीं था, क्योंकि निर्माण क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील था. इंजीनियरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि सुरंग का निर्माण हो, लेकिन जंगल, बाघों और दूसरे वन्यजीवों के आवास पर कोई बुरा असर न पड़े. इसी वजह से काम के दौरान ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया, जिससे ड्रिलिंग और निर्माण की प्रक्रिया नियंत्रित रहे और शोर, कंपन व बाहरी हस्तक्षेप को कम से कम रखा जा सके.
करीब साढ़े चार साल में तैयार हुई सुरंग
करीब 4.6 साल की मेहनत के बाद तैयार हुई यह सुरंग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के सबसे खास हिस्सों में गिनी जा रही है. यह एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल है, जो दिल्ली को मुंबई से तेज और सुगम सड़क संपर्क देने के लिए तैयार किया जा रहा है. पूरे एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 1386 किलोमीटर है. ऐसे में मुकुंदरा क्षेत्र की यह टनल सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि पूरे रूट की रफ्तार बढ़ाने वाला अहम हिस्सा है. इस सुरंग के चालू होने के बाद राजस्थान वाले हिस्से में यात्रा ज्यादा स्मूद हो सकती है. साथ ही, एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों, ट्रांसपोर्ट कंपनियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी सीधा फायदा मिलेगा.
भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देश की पहली ऐसी सुरंग तैयार की गई है, जो किसी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के नीचे से गुजरती है. यह खास सुरंग राजस्थान के कोटा के पास मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बनाई गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस परियोजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ऊपर जंगल और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियां प्रभावित न हों और नीचे से ट्रैफिक आसानी से गुजर सके. यही वजह है कि इसे सिर्फ सड़क परियोजना नहीं, बल्कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है. इस सुरंग के शुरू होने से एक्सप्रेसवे की उपयोगिता और भी बढ़ जाएगी और यात्रियों को लंबी दूरी तय करने में बड़ी राहत मिलेगी.
यह सुरंग दिल्ली-वडोदरा सेक्शन पर बनाई गई है और इसकी लंबाई करीब 4.9 किलोमीटर है. इसे भारत की पहली ऐसी 8 लेन टनल माना जा रहा है, जो घने जंगल और टाइगर रिजर्व के नीचे से निकलेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परियोजना को पूरा करना आसान नहीं था, क्योंकि निर्माण क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील था. इंजीनियरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि सुरंग का निर्माण हो, लेकिन जंगल, बाघों और दूसरे वन्यजीवों के आवास पर कोई बुरा असर न पड़े. इसी वजह से काम के दौरान ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया, जिससे ड्रिलिंग और निर्माण की प्रक्रिया नियंत्रित रहे और शोर, कंपन व बाहरी हस्तक्षेप को कम से कम रखा जा सके.
करीब साढ़े चार साल में तैयार हुई सुरंग
करीब 4.6 साल की मेहनत के बाद तैयार हुई यह सुरंग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के सबसे खास हिस्सों में गिनी जा रही है. यह एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल है, जो दिल्ली को मुंबई से तेज और सुगम सड़क संपर्क देने के लिए तैयार किया जा रहा है. पूरे एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 1386 किलोमीटर है. ऐसे में मुकुंदरा क्षेत्र की यह टनल सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि पूरे रूट की रफ्तार बढ़ाने वाला अहम हिस्सा है. इस सुरंग के चालू होने के बाद राजस्थान वाले हिस्से में यात्रा ज्यादा स्मूद हो सकती है. साथ ही, एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों, ट्रांसपोर्ट कंपनियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी सीधा फायदा मिलेगा.