Delhi liquor policy case Arvind Kejriwal Letter To ED to take back summons: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली शराब नीति मामले में उन्हें भेजे गए समन को वापस लेने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को चिट्ठी लिखी है। इससे पहले उन्हें आज पूछताछ के लिए ED के सामने पेश होना था, लेकिन वे चुनावी सभा के लिए मध्यप्रदेश चले गए और ईडी के सामने पेश नहीं हुए। ED को लिखी गई दो पेज की चिट्ठी में केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि समन अवैध है और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने दावा किया कि ये समन भाजपा के इशारे पर भेजे गए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी में कहा कि समन में ये जानकारी नहीं दी गई है कि मुझे एक व्यक्ति के रूप में या दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में या फिर आप के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में बुलाया जा रहा है।ED के सहायक निदेशक जोगेंदर को लिखी गई चिट्ठी में केजरीवाल ने कहा कि मुझे 30 अक्टूबर को समन प्राप्त हुआ है। इसके जरिए मुझे 2 नवंबर को सुबह 11:30 बजे तक ईडी ऑफिस में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है। समन एफ. नंबर ईसीआईआर/एचआईयूआईआई/14/2022 वाली फाइल के संबंध में धारा 50 पीएमएलए के तहत जारी किया गया है। केजरीवाल ने कहा कि समन में ये स्पष्ट नहीं है कि मुझे किस हैसियत से पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है, यानी इस मामले में मैं एक गवाह हूं या फिर संदिग्ध, ये स्पष्ट नहीं है।
केजरीवाल ने लिखा- बुलाए जाने का कारण स्पष्ट नहीं
केजरीवाल की ओर से लिखा गया है कि समन में बुलाए जाने का कारण, या उसका कोई विवरण भी नहीं दिया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त समन अनावश्यक कारणों से प्रेरित और जारी किया गया है। समन के साथ ही 30.10.2023 की दोपहर में भाजपा नेताओं ने बयान देना शुरू कर दिया कि जल्द ही मुझे तलब किया जाएगा और गिरफ्तार किया जाएगा। उस दिन शाम तक मुझे आपका सम्मन प्राप्त हुआ। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि उक्त समन मेरी छवि और प्रतिष्ठा को खराब करने के लिए चुनिंदा भाजपा नेताओं को लीक किया गया था।

केजरीवाल ने चिट्ठी में दावा किया कि समन केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने 30 अक्टूबर की दोपहर में (जिस दिन मुझे समन जारी किया गया) खुले तौर पर कहा था कि मुझे गिरफ्तार कर लिया जाएगा और यह बात मीडिया में भी कवर की गई है। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री हूं। देश में 5 राज्यों (मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना) में चुनाव होने वाले हैं। राष्ट्रीय पार्टी के संयोजक होने के नाते मुझे प्रचार के लिए और राजनीतिक सेवाएं प्रदान करने के लिए यात्रा करनी पड़ती है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में दिवाली है, ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में मेरी आधिकारिक प्रतिबद्धताएं हैं, मेरी उपस्थिति आवश्यक है।
Delhi liquor policy case Arvind Kejriwal Letter To ED to take back summons: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली शराब नीति मामले में उन्हें भेजे गए समन को वापस लेने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को चिट्ठी लिखी है। इससे पहले उन्हें आज पूछताछ के लिए ED के सामने पेश होना था, लेकिन वे चुनावी सभा के लिए मध्यप्रदेश चले गए और ईडी के सामने पेश नहीं हुए। ED को लिखी गई दो पेज की चिट्ठी में केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि समन अवैध है और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने दावा किया कि ये समन भाजपा के इशारे पर भेजे गए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी में कहा कि समन में ये जानकारी नहीं दी गई है कि मुझे एक व्यक्ति के रूप में या दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में या फिर आप के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में बुलाया जा रहा है।ED के सहायक निदेशक जोगेंदर को लिखी गई चिट्ठी में केजरीवाल ने कहा कि मुझे 30 अक्टूबर को समन प्राप्त हुआ है। इसके जरिए मुझे 2 नवंबर को सुबह 11:30 बजे तक ईडी ऑफिस में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है। समन एफ. नंबर ईसीआईआर/एचआईयूआईआई/14/2022 वाली फाइल के संबंध में धारा 50 पीएमएलए के तहत जारी किया गया है। केजरीवाल ने कहा कि समन में ये स्पष्ट नहीं है कि मुझे किस हैसियत से पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है, यानी इस मामले में मैं एक गवाह हूं या फिर संदिग्ध, ये स्पष्ट नहीं है।

केजरीवाल ने लिखा- बुलाए जाने का कारण स्पष्ट नहीं
केजरीवाल की ओर से लिखा गया है कि समन में बुलाए जाने का कारण, या उसका कोई विवरण भी नहीं दिया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त समन अनावश्यक कारणों से प्रेरित और जारी किया गया है। समन के साथ ही 30.10.2023 की दोपहर में भाजपा नेताओं ने बयान देना शुरू कर दिया कि जल्द ही मुझे तलब किया जाएगा और गिरफ्तार किया जाएगा। उस दिन शाम तक मुझे आपका सम्मन प्राप्त हुआ। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि उक्त समन मेरी छवि और प्रतिष्ठा को खराब करने के लिए चुनिंदा भाजपा नेताओं को लीक किया गया था।

केजरीवाल ने चिट्ठी में दावा किया कि समन केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने 30 अक्टूबर की दोपहर में (जिस दिन मुझे समन जारी किया गया) खुले तौर पर कहा था कि मुझे गिरफ्तार कर लिया जाएगा और यह बात मीडिया में भी कवर की गई है। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री हूं। देश में 5 राज्यों (मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना) में चुनाव होने वाले हैं। राष्ट्रीय पार्टी के संयोजक होने के नाते मुझे प्रचार के लिए और राजनीतिक सेवाएं प्रदान करने के लिए यात्रा करनी पड़ती है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में दिवाली है, ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में मेरी आधिकारिक प्रतिबद्धताएं हैं, मेरी उपस्थिति आवश्यक है।