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दिल्ली जल बोर्ड उपाध्यक्ष का बड़ा बयान, कहा- हरियाणा के माफियाओं ने पुल बनाकर दिल्ली की ओर आने वाला पानी रोका

नई दिल्ली: दिल्ली में गहराते जा रहे जल संकट को लेकर दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को वजीराबाद बैराज का दौरा किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में जल संकट गर्मी की वजह से नहीं, बल्कि हरियाणा से दिल्ली में आने वाली यमुना में खनन माफियाओं के कब्जे के की वजह से […]

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नई दिल्ली: दिल्ली में गहराते जा रहे जल संकट को लेकर दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को वजीराबाद बैराज का दौरा किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में जल संकट गर्मी की वजह से नहीं, बल्कि हरियाणा से दिल्ली में आने वाली यमुना में खनन माफियाओं के कब्जे के की वजह से है। अवैध रेत माफिया ने हरियाणा के मेमारपुर और सोनीपत में यमुना पर पुल बनाकर दिल्ली आने वाले पानी को रोक दिया है।

दिल्ली प्यासी रह जाएगी

आगे उपाध्यक्ष ने कहा कि खनन माफिया दिन-दहाड़े रेत की स्मगलिंग कर रहे हैं, लेकिन हरियाणा सरकार उन पर कार्रवाई नहीं कर रही है। अगर हरियाणा सरकार ने इन खनन माफियाओं पर अंकुश नहीं लगाया तो दिल्ली प्यासी रह जाएगी। उन्होंने कहा कि वजीराबाद बैराज में पहली बार फरवरी माह में ही यमुना का जलस्तर सामान्य 674.5 फुट से घटकर 671.7 फुट पर पहुंच गया है। पहले हम यमुना से रोजाना 83 एमजीडी पानी निकाल पाते थे, लेकिन आज 4-5 एमजीडी पानी ही निकाल पा रहे हैं। यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा 3.5 पीपीएम से अधिक है, जो इस्तेमाल के लायक नहीं हैं। इस समय यमुना की गहराई 3.5 फीट होनी चाहिए, लेकिन आज एक फीट भी गहरी नहीं है। वहीं, पानीपत का औद्योगिक अपशिष्ट जल दिल्ली में छोड़ा जा रहा है।

दो तिहाई पानी बहकर और भांप बनकर बर्बाद हो जाता है

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि हथिनी कुंड बैराज से पहले यमुना का हिस्सा हरियाणा सरकार के अधीन आता है। हथिनी कुंड बैराज पर यह तय होता है कि कितना पानी दिल्ली तक आएगा। इसके बाद ताजेवाला बैराज पर यह कंट्रोल किया जाता है कि कितना पानी दिल्लीवालों के लिए छोड़ा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से कई बार यह आदेश आते हैं कि ताजेवाला बैराज से इतना पानी छोड़ा जाना चाहिए कि दिल्ली के अंतिम छोर पर पहुंचने तक यमुना का पानी एक तिहाई रहे। क्योंकि दो तिहाई पानी बहकर और भांप बनकर बर्बाद हो जाता है। आज स्थिति यह है कि ताजेवाला बैराज से लेकर उत्तर प्रदेश बॉर्डर शुरू होने तक रेत माफिया खनन कर रहे हैं। रेत माफियाओं ने यमुना नदी के बहाव को रोककर छोटे-छोटे ब्रिज बनाए हैं। ताकी पानी न होने से वे यमुना के तल से एक बार में पूरी रेत निकाल सकें। यमुना नदी के एक छोर पर यूपी है और दूसरे पर हरियाणा है। खनन माफिया यूपी की तरफ रेत इकट्ठी करते हैं लेकिन वहां खेत होने के कारण इसे ले जा नहीं सकते। इसलिए पुल के जरिए ट्रकों में रेत भरकर इसे हरियाणा पहुंचाते हैं। यमुना के तल की खुदाई होने के कारण नदी का पानी थोड़ी-थोड़ी जगह पर इकट्ठा हो रहा है। इससे नदी का बहाव एकदम रुक गया है और दिल्ली तक नदी का पानी नहीं आ रहा है।

First published on: Mar 07, 2023 05:48 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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