Delhi Excise Policy Case: अरबिंदो फार्मा के डायरेक्टर पी सरथ चंद्र रेड्डी गुरुवार को सरकारी गवाह बन गए।दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने व्यवसायी रेड्डी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की जा रही कथित आबकारी नीति घोटाले में सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी। अदालत ने मामले में रेड्डी को माफी भी दे दी है। माना जा रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के लिए यह कदम और मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली शराब नीति केस की जांच कर रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सीबीआई की प्राथमिकी से सामने आया था। सीबीआई और ईडी के अनुसार, आबकारी नीति को संशोधित अनियमितताएं की गईं और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ दिया गया। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नीति लागू की, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 के अंत में इसे खत्म कर दिया।
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जानिए कौन हैं सरथ चंद्र रेड्डी?
- अरबिंदो फार्मा के पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर रेड्डी को ईडी ने पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया था।
- रेड्डी को हाल ही में जांच एजेंसी ने मामले में चार्जशीट किया था। वह अप्रूवर बनने वाले दूसरे शख्स हैं।
- पिछले साल नवंबर में शराब कारोबारी और मामले के आरोपी दिनेश अरोड़ा सरकारी गवाह बने थे।
- रेड्डी ने अपने वकील के माध्यम से राउज एवेन्यू कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की थी जिसमें अदालत से अनुरोध किया गया था कि उन्हें सरकारी गवाह बनने दिया जाए। अदालत ने उनके कदम की अनुमति दी और मामले में उन्हें माफ भी कर दिया।
ईडी की चार्जशीट में बड़ा दावा
ईडी ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के नेताओं की ओर से बिजनेसमैन और आप के संचार प्रभारी विजय नायर को साउथ ग्रुप से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत मिली, जिसके प्रमुख व्यक्ति मगुनता श्रीनिवासुलु हैं। रेड्डी, राघव मगुंटा, सारथ रेड्डी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: Delhi Excise Policy Case: अब अदालत में नहीं पेश होंगे मनीष सिसोदिया, बद्तमीजी के आरोपों पर कोर्ट ने कहा- सुरक्षित रखें CCTV
Delhi Excise Policy Case: अरबिंदो फार्मा के डायरेक्टर पी सरथ चंद्र रेड्डी गुरुवार को सरकारी गवाह बन गए।दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने व्यवसायी रेड्डी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की जा रही कथित आबकारी नीति घोटाले में सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी। अदालत ने मामले में रेड्डी को माफी भी दे दी है। माना जा रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के लिए यह कदम और मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली शराब नीति केस की जांच कर रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सीबीआई की प्राथमिकी से सामने आया था। सीबीआई और ईडी के अनुसार, आबकारी नीति को संशोधित अनियमितताएं की गईं और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ दिया गया। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नीति लागू की, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 के अंत में इसे खत्म कर दिया।
जानिए कौन हैं सरथ चंद्र रेड्डी?
- अरबिंदो फार्मा के पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर रेड्डी को ईडी ने पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया था।
- रेड्डी को हाल ही में जांच एजेंसी ने मामले में चार्जशीट किया था। वह अप्रूवर बनने वाले दूसरे शख्स हैं।
- पिछले साल नवंबर में शराब कारोबारी और मामले के आरोपी दिनेश अरोड़ा सरकारी गवाह बने थे।
- रेड्डी ने अपने वकील के माध्यम से राउज एवेन्यू कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की थी जिसमें अदालत से अनुरोध किया गया था कि उन्हें सरकारी गवाह बनने दिया जाए। अदालत ने उनके कदम की अनुमति दी और मामले में उन्हें माफ भी कर दिया।
ईडी की चार्जशीट में बड़ा दावा
ईडी ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के नेताओं की ओर से बिजनेसमैन और आप के संचार प्रभारी विजय नायर को साउथ ग्रुप से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत मिली, जिसके प्रमुख व्यक्ति मगुनता श्रीनिवासुलु हैं। रेड्डी, राघव मगुंटा, सारथ रेड्डी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता शामिल हैं।
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