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दिल्ली

दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मिलेगी मुक्ति! CM रेखा गुप्ता ने बताया कब तक साफ होंगे लैंडफिल साइट

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एलान किया है कि ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ 2026 के अंत तक खत्म हो जाएंगे. कचरा निपटान के लिए नए बायोगैस प्लांट भी शुरू किए गए हैं.

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Written By: Raja Alam Updated: Feb 7, 2026 12:37

राजधानी दिल्ली में सालों से जमा कचरे के पहाड़ों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ी योजना साझा की है. न्यूज एजेंसी एएनआई से खास बातचीत में उन्होंने ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट्स की मौजूदा स्थिति और भविष्य के लक्ष्यों पर खुलकर बात की. सीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार इन पहाड़ों को हटाने के लिए पूरी शिद्दत से काम कर रही है और जल्द ही दिल्ली की जनता को इस समस्या से बड़ी राहत मिलेगी.

ओखला और भलस्वा साइट पर तेजी से काम

मुख्यमंत्री ने बताया कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर जमा ‘लीगेसी वेस्ट’ यानी सालों पुराने कचरे को साफ करने का काम बड़े स्तर पर जारी है. सरकार को पूरी उम्मीद है कि 2026 के अंत तक इन दोनों साइट्स से पुराने कचरे को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. इस कचरे में सालों से जमा मिट्टी, प्लास्टिक, कांच और धातुओं जैसी चीजें शामिल हैं जिन्हें अलग-अलग करके प्रोसेस किया जा रहा है.

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गाजीपुर पहाड़ के लिए दो साल का लक्ष्य

तीसरे सबसे बड़े कचरे के पहाड़ यानी गाजीपुर लैंडफिल साइट के बारे में बात करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इसे पूरी तरह साफ करने में अभी करीब दो साल का समय और लग सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली में रोजाना पैदा होने वाले कचरे के 100 प्रतिशत निपटान के लिए नए प्लांट्स की क्षमता बढ़ाई जा रही है. कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसके सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है ताकि भविष्य में नए ढेर न बनें.

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बायोगैस प्लांट की शुरुआत

सीएम ने पूर्व की कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने वेस्ट मैनेजमेंट पर ठोस काम नहीं किया. उन्होंने गर्व से कहा कि दिल्ली का पहला बायोगैस प्लांट उनकी सरकार के समय शुरू हुआ है. वर्तमान में 200 टन गोबर प्रोसेस करने वाला प्लांट चालू हो चुका है और 400 टन क्षमता वाले अन्य प्लांट भी इसी साल के अंत तक सक्रिय हो जाएंगे.

First published on: Feb 07, 2026 12:37 PM

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