Watch Video: एक भी दोष साबित हुआ, तो सीधा फांसी पर लटकूंगा...पहलवानों के मुद्दे पर बोले सांसद बृजभूषण सिंह

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Bjp mp brijbhushan sharan singhs statement on wrestlers issue: पहलवानों के मुद्दे पर बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में हमारे जितने मेडल रहे हैं, अबकी बार वो पोजिशन नहीं रहेगी। पिछला प्रदर्शन हमारा शायद ही रहे। क्योंकि अभी वर्ल्ड चैंपियनशिप में, जो ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाइंग का टूर्नामेंट था। 5 हमें मेडल मिले थे और चार खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया था। इस साल किसी तरह एक लड़की ब्रांज मेडल जीतकर अपनी जगह बना पाई है।

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हमारा प्रदर्शन एशियन में अच्छा इसलिए नहीं होगा, क्योंकि कोई नेशनल टूर्नामेंट नहीं हुआ है। न लड़कियों का कोई कैंप लगा, न लड़कों का। एशियन गेम्स की तैयारी के लिए कोई कैंप नहीं लगा, जिसका असर वर्ल्ड चैंपियनशिप में देखने को मिला। बजरंग पूनिया और विनेश फौगाट के बिना ट्रायल वर्ल्ड चैंपियनशिप में जाने पर हुए विवाद पर बृजभूषण ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ट्रायल को लेकर उन्होंने कोचों से परामर्श किया था।

विदेश में क्या प्रक्रिया होती है, इसका अध्ययन भी किया गया। जिसके बाद खिलाड़ियों से बात की। ट्रायल को लेकर हमारे देश में कोई नियम नहीं था। लेकिन एक परंपरा थी। जिसके बाद इस परंपरा को तोड़ना पड़ा। नियम बनाया कि पहले नेशनल खेलना पड़ेगा। अगर आपको चोट आदि है, तो मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा।

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पूरी नहीं की जा सकती इन लोगों की डिमांड

जिसके बाद कैंप में आना होगा। लेकिन इन लोगों ने इसके विरोध में आंदोलन खड़ा कर दिया। इन लोगों ने दो डिमांड रखी। पहली थी कि फेडरेशन के अध्यक्ष बदले जाएं। मैंने कहा था कि ये लड़ाई जूनियर बनाम सीनियर की है। इन लोगों को एशियन और ओलंपिक में मेडल मिल चुका। हो सकता है कि कोई और मेडल भी आ जाए। लेकिन इन लोगों ने जूनियरों का करियर तबाह कर दिया। कह रहे थे कि वे कुश्ती की भलाई के लिए बैठे हैं।

आठ महीने में इन लोगों ने कुश्ती को बर्बाद किया

इन लोगों ने आठ महीने में कुश्ती को बर्बाद कर दिया। न ही कोई कैंप लगने दिया। न ही दूसरों को आगे आने दिया। जितने संसाधन मैंने कुश्ती के लिए जुटाए, इस खेल को जितना प्यार दिया, ये सब इतिहास में लिखा जाएगा। इसके बाद खिलाड़ियों को भड़काने के सवाल पर बोले कि इसके पीछे दीपेंद्र हुड्डा, भूपेंद्र हुड्डा और कुछ उद्योगपति हैं। ये लोग कुश्ती को मनमाने ढंग से चलाना चाहते थे। लेकिन मैंने इन लोगों की चलने नहीं दी। अगर मेरे खिलाफ एक भी दोष साबित हुआ, तो सीधा फांसी पर लटकूंगा।

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