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दिल्ली के टोल नाकों पर जल्द खत्म होगा लंबा जाम, नगर निगम लागू करने वाला है नया सिस्टम!

Delhi MCD Barrier Free Tolling System: दिल्ली के सीमों पर बने टोल नाकों पर लगने वाले रोज के जाम से जल्द राहत मिलने वाली है. MCD इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए नई आधुनिक सिस्टम अक्टूबर 2026 में लागू करने वाला है. आइए जानते हैं इन नई व्यवस्था के बारे में.

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खबर की मुख्य बातें:-

  • अक्टूबर 2026 तक MCD के प्रमुख टोल नाकों पर MLFS (Barrier-Free Multi Lane Free Flow System) लागू करने की तैयारी है.
  • RFID और ANPR कैमरों की मदद से वाहन बिना रुके टोल पार कर सकेंगे, जिससे लंबी कतारें और जाम कम होने की उम्मीद है.
  • पहले चरण में टिकरी, सिंधू, कापसहेड़ा, आया नगर, बदरपुर, गाजीपुर और रजोकरी बॉर्डर के टोल नाकों पर नई व्यवस्था लागू की जाएगी.

रोजाना दिल्ली की सीमओं से यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए एक सबसे बड़ी समस्या, टोल नाकों पर लगने वाला घंटों लंबा जाम है. इन भारी ट्रैफिक जान के कारण जो यात्रा मिनटों में पूरी हो सकती है, उसे पूरा करने में घंटों का समय बर्बाद हो जाता है. इससे न सिर्फ लोगों का सफर करने से मन खराब हो जाता है, बल्कि यात्रा काफी थकाऊ भी बन जाती है. इसी समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम (MCD) ने अपने आधीन आने वाले टोल नाकों को आधुनिक बनाने की योजना पर कदम बढ़ाया है, जिससे रोजाना सफर करने वाले लाखों कार चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है.

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MCD के टोल नाकों में क्या होने जा रहा बदलाव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2026 तक प्रमुख टोल प्लाजों पर नई मल्टी लेन-फ्री-फ्लो सिस्टम (MLFS) लागू करने का लक्ष्य रखा गया है. इस नए बदलाव को लेकर माना जा रहा है कि टोल नाकों पर वाहनों की लंबी कतारों को कम करना और सफर को और आसान बनाया जा सकेगा. इस तकनीक की खास बात ये रहेगी कि वाहन बिना रुके टोल पार कर सकेंगे, जिससे जाम भी नहीं लेगगा और यात्रा का समय भी बचेगा. इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में तेजी लाते हुए टंडर प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है.

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कैसे करेगा नया सिस्टम काम?

रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए सिस्टम को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत अक्तूबर महीने तक दिल्ली के टोल नाकों को जाम मुक्त बनाने के लिए लगाया जा रहा है. नई कनीक में Barrier-Free Multi Lane Free Flow System (MLFS) को RFID और Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरों से जोड़ा जाएगा. इससे वाहनों की पहचान अपने आप हो जाएगी और टोल शुल्क डिजिटल तरीके से कट जाएगा, इस व्यवस्था के बाद बैरियर पर रुकने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी.

दिल्ली के इन बॉर्डरों पर लगेंगे नए सिस्टम

जानकारी के अनुसार, नई व्यवस्था को सबसे पहले उन टोल नाकों पर लागू किया जाएगा, जहां रोजाना सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहता है. शुरुआती चरण में टिकरी बॉर्डर, सिंधू बॉर्डर, कापसहेड़ा बॉर्डर, आया नगर बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर और रजोकरी बॉर्डर के टोल नाकों को शामिल किया गया है. वर्तमान में इन इलाकों से हर दिन हजारों निजी और व्यावसायिक वाहन दिल्ली में प्रवेश करते हैं, जिन्हें लंबे जाम का सामना करना पड़ता है. हालांकि, नई तकनीक लागू होने के बाद इन मार्गों पर जाम की समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है.

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ट्रैफिक पुलिस ने दिया पूरी तरह कैशलेस सिस्टम का सुझाव

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि टोल नाकों पर सबसे ज्यादा समय नकद यानी कैश भुगतान और वाहन की जानकारी दर्ज करने में लगता है. इस प्रक्रिया के कारण कई बार कई किलोमीटर लंबी कतारें लग जाती हैं, जिसे पार करने में कई घंटे बीत जाते हैं. ऐसे में इस समस्या को खत्म करने के लिए पुलिस ने नगर निगम को सुझाव दिया है कि जब तक नई तकनीक पूरी तरह लागू नहीं होती, तब तक सभी टोल नाकों को पूरी तरह कैशलेस कर दिया जाए. डिजिटल भुगतान से वाहन जल्दी निकलेंगे और ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा.

विषयजानकारी
नई व्यवस्था का नामबैरियर-फ्री मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम (MLFS)
लागू करने वाली संस्थादिल्ली नगर निगम (MCD)
लागू होने की समयसीमाअक्टूबर 2026 (प्रस्तावित)
मुख्य उद्देश्यटोल नाकों पर जाम और लंबी कतारों को कम करना
इस्तेमाल होने वाली तकनीकRFID और ANPR कैमरा सिस्टम
सबसे बड़ा फायदावाहन बिना रुके टोल पार कर सकेंगे
भुगतान का तरीकाडिजिटल/कैशलेस टोल वसूली
पहले चरण में शामिल टोलटिकरी, सिंधू, कापसहेड़ा, आया नगर, बदरपुर, गाजीपुर और रजोकरी बॉर्डर
किन लोगों को होगा लाभरोजाना दिल्ली-NCR आने-जाने वाले लाखों यात्री और डिलीवरी वाहन चालक
अन्य फायदेयात्रा का समय बचेगा, जाम कम होगा और ईंधन की बचत होगी

नई व्यवस्था से दिल्ली-NCR के लोगों को मिलेगी राहत

नगर निगम के अनुसार, टोल वसूली से जुड़े नियमों में जरूरी बदलाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और प्रस्ताव को संबंधित स्तर से मंजूरी भी मिल गई है. अब बस चरणबद्ध तरीके से नई व्यवस्था लागू करना है. इस नई टोल व्यवस्था को लेकर माना जा रहा है कि आधुनिक तकनीक आधारित टोल सिस्टम लागू होने से न सिर्फ दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर जाम कम होगा, बल्कि लोगों को सुरक्षित, तेज और बिना रुकावट यात्रा का बेहतर अनुभव भी मिलेगा. आने वाले समय में यह मॉडल देश के अन्य शहरों के लिए भी उदाहरण बन सकता है. इस सिस्टम का सबसे ज्यादा फायदा नौकरी करने वालो को होगा, जिन्हें रोजाना इन सीमओं से होकर गुजरना पड़ता है.

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मुख्य निष्कर्ष:- दिल्ली के टोल नाकों पर लागू होने जा रही नई Barrier-Free Multi Lane Free Flow System (MLFS) व्यवस्था राजधानी में ट्रैफिक जाम कम करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है. RFID और ANPR जैसी आधुनिक तकनीक से वाहन बिना रुके टोल पार कर सकेंगे, जिससे यात्रा का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.

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Frequently Asked Questions

रिपोर्ट्स के अनुसार, MCD का लक्ष्य अक्टूबर 2026 तक प्रमुख टोल नाकों पर Barrier-Free Multi Lane Free Flow System (MLFS) लागू करना है.
यह एक आधुनिक टोल वसूली प्रणाली है, जिसमें RFID और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों की मदद से वाहन बिना रुके टोल पार कर सकेंगे. इससे लंबी कतारें और ट्रैफिक जाम कम होगा.
पहले चरण में टिकरी बॉर्डर, सिंधू बॉर्डर, कापसहेड़ा बॉर्डर, आया नगर बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर और रजोकरी बॉर्डर के टोल नाकों पर यह नई व्यवस्था लागू की जाएगी.
इस सिस्टम से वाहनों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा. इससे यात्रा का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी, ट्रैफिक जाम घटेगा और रोजाना दिल्ली-NCR आने-जाने वाले लाखों लोगों को राहत मिलेगी.
First published on: Jul 15, 2026 05:47 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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